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विदेशी मेहमानों से गुलजार हुआ पक्षी विहार

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लाख पक्षी विहार में कलरव करते पक्षी। - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। कई दिनों से सूखी लाख बहोसी पक्षी विहार की झीलें पानी से भर दी गई हैं। पानी भरते ही विदेशी पक्षियों का यहां आना शुरू हो गया है। करीब 20 प्रजातियाें के पक्षियों की आमद हुई है। वहीं, इलाके में बर्ड फ्लू को लेकर लोग सशंकित भी हैं।
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जिले के इंदरगढ़ कस्बे में वर्ष 1988-1989 में झीलों को विकसित कर लाख बहोसी को पक्षी विहार का दर्जा दिया गया था। यहां हर साल सर्दियों में विदेशी पक्षी पहुंचते हैं। यहां के नलकूपों के बिजली के तारों की चपेट में आने से दो सारसों की मौत हो गई थी। इसके बाद बिजली के तारों को हटा लिया गया। इससे झीलें सूख गईं।
डीएम राकेश कुमार मिश्र के निर्देश पर झीलों में निचली गंग नहर से पानी छोड़ा गया। शुक्रवार को पक्षी विहार की लाख और बहोसी झीलें पानी से लबालब हो गईं। शनिवार को यहां तकरीबन पांच हजार विदेशी पक्षियों की आमद हुई। विदेशी पक्षियों की 20 प्रजातियों के साथ स्थानीय पक्षियों के कलरव से पक्षी विहार गुलजार हो गया है। पक्षी प्रेमियों की यहां भीड़ बढ़ने लगी है।
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वन रेंजर सुशील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि झीलों में पानी भरते ही पक्षियों का आगमन शुरू हो गया है। मार्च तक इनके ठहरने की संभावना है।
प्रवासी पक्षियों का जिले में हर साल तकरीबन दिसंबर माह में आना होता है। यह इस साल भी इसी समय आ गए थे। झीलों में पानी न होने से इधर-उधर भटकते रहे। झीलों के भरने के बाद यह पक्षी विहार पहुंच गए। इनकी तादाद अभी बढ़ने के आसार हैं।
इन प्रजातियों के पक्षियों ने डाला डेरा
वन रेंजर ने बताया कि पक्षी विहार में कॉमन टील, ग्रेलैप गूज, सुर्खाब, पिंटैल, कॉमन पोर्च, सैंड पाइपर, हेडेड गूस और आईबिस पक्षियों ने डेरा डाला है। यह पक्षी चीन, सेंट्रल एशिया, नार्दन यूरोप और अफ्रीका से आए हैं।
पशु चिकित्सा विभाग ने शुरू की सैंपलिंग
पक्षी विहार में विदेशी पक्षियों के आने से पशु चिकित्सा विभाग अलर्ट हो गया है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि बर्ड फ्लू की आशंका के चलते पक्षियों की बीट का सैंपल लिया जा रहा है।
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