स्टेट बैंक शाखा सरायमीरा में लगी ग्राहकों की भीड़।
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बैंक शाखाओं में गुरुवार को अफरातफरी का माहौल रहा। कई बैंक शाखाओं में पैर रखने की जगह नहीं रही, वहीं कुछ में बैक शाखा के बाहर कतार लगी दिखी। बैंक शाखाओं ने सन 2005 के पहले के नोट लेने से इनकार कर दिया।
गुरुवार को उपभोक्ता अपने घरों में रखे 1000-500 के नोट लेकर बैंक शाखाओं के बाहर पहुंच गए। जैसे ही 10 बजे बैंक का ताला खुला लोग प्रवेश करने लगे। तभी गेट पर लगे कर्मचारियों व गार्डों ने उन्हें कुछ देर के लिए रोक दिया। स्टेट बैंक शाखा सरायमीरा में सबसे अधिक भीड़ दिखाई पड़ी।
अधिकतर काउंटरों पर नोट बदलने और खाते से निकालने की व्यवस्था की गई थी। जिससे ग्राहकों को किसी भी तरह की दिक्कतें न हो। लंबी कतारें लगी होने के कारण लोगों को कई घंटे तक खड़ा होना पड़ा। तब जाकर उन्हें बदले में चार हजार रुपये मिल सके।
शाखा प्रबंधक पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि बैंक में नकली नोट न जमा कर जाएं इसके लिए विशेष निगरानी करनी पड़ रही है। इसके अलावा वर्ष 2005 के नोटों को नहीं लिया जाएगा। इसकी भी निगरानी की जा रही है।
इसी तरह एचडीएफसी बैंक शाखा कन्नौज में व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बैंक शाखा के बाहर बाउंड्री के अंदर ग्राहकों की कतार लगवाई गई। 10-10 उपभोक्ताओं को बैंक के अंदर प्रवेश दिया गया।
उनके वापस लौटने के बाद दूसरे उपभोक्ताओं को भेजा गया। सुबह से ही लेन-देन शुरू किया गया। जो देर शाम तक जारी रहा।शाखा प्रबंधक विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने करीब 700 ग्राहकों के पैसे जमा कर उन्हें 100-100 के नोट उपलब्ध कराए।
बताया कि 25 फीसदी ग्राहक उनकी बैंक शाखा के थे जबकि 75 फीसदी ग्राहक अन्य बैंक शाखाओं के थे। फिर भी उन्हें परिचय पत्र देखकर व एक जीराक्स कापी लेकर भुगतान दिया गया। बताया कि एक-एक घर से कई लोग 500-1000 नोट लेकर बदलवाने के लिए कतार में खड़े रहे। जिन्हें नोट बदलकर दिए गए।