जलालपुर पनावारा। कस्बे की आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में कैश न मिलने पर सोमवार को हंगामा हुआ। ग्रामीणाें का आरोप था कि बैंक में कैश तो है पर शाखा प्रबंधक अपने चहेतों को कैश दे रहे हैं। सुबह से लाइन में खड़े लोगों से कह रहे हैं कि बैंक में कैश नहीं है।
सतेंद्र कुमार दुबेे ने बताया कि शाखा प्रबंधक लाइन में पैसा निकालने खड़े लोगाें के साथ अभद्रता करते हैं। बताया कि मैनेजर ने उनके साथ भी अभद्रता करते हुए बैंक के बाहर से भाग जाने का कहा।
बीज भंडार दुकान के मालिक ओमकार ने बताया कि जब वह बैंक में पैसे लेने पहुंचे तो मैनेजर ने उनसे दुकान में ताला डालकर घर बैठने की सलाह दी। ऐसे ही लाइन में खड़े ग्राहकाें को धमकाते हुए कहा कि पैसा नहीं मिलेगा जो करना है जहां शिकायत करनी है कर लो।
साजिद वेग ने कहा कि वह पांच दिनों से बैंक से लौट रहे हैं लेकिन उन्हें अभी तक रुपये नहीं मिले हैं। बताया कि बैंक कर्मचारी अभद्रता के अलावा और कोई काम नहीं करते हैं। बैंक उपभोक्ता संजीव दुबे, रोहित, शिवचरन, राम सिंह, संतराम, सुशील कुमार, अजय यादव आदि ने बताया कि वह एक सप्ताह से परेशान हैं लेकिन उन्हें बैंक भुगतान नहीं कर रही है।
बैंक मैनेजर राकेश त्रिवेदी का कहना है कि बैंक में अपना रुपया आया ही नहीं है तो ग्राहकों को पैसा कहां से दें। शनिवार को 1.80 लाख रुपये आया था जो पूरा पैसा बैंक उपभोक्ताओं में ही बांट दिया गया। उन्होंने कहा कि पैसा बदलना और बैंक उपभोक्ताओं के साथ अभद्रता करने जैसे आरोप जनता ने आवेश में आकर लगाए हैं। ये पूरी तरह से निराधार है बैंक के किसी भी कर्मचारी ने कभी किसी बैंक उपभोक्ता के साथ किसी भी तरह की अभद्रता नहीं की है।
मलिकपुर। नोटबंदी का असर समिति से खाद बिक्री पर पड़ा है। समिति के प्रभारियों की माने तो पहले दो दिन में जितनी खाद बिकती थी वह 15 दिन में नहीं बिक पा रही है। तालग्राम विकास खंड के कस्बा मलिकपुर स्थित साधन सहकारी समिति पर करीब दो सप्ताह पूर्व 1200 बोरी यूरिया खाद भेजी गई थी। इस खाद की खेप में मात्र 600 बोरी ही बिक सकी है। समिति के सचिव रामवीर ने बताया कि विभाग की ओर से पांच सौ व एक हजार के नोट न लेने के कारण दो सप्ताह पूर्व करीब 1200 बोरी यूरिया खाद आई थी। जोकि अभी तक रखी हुई है।
भुगतान को लेकर ग्राहकों में रही अफरा-तफरी
समधन। नगर समधन स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में ग्राहकों की सुबह से भीड़ लग गई। बैंक में कैश आने पर भुगतान का काम शुरू किया गया। बैंक के फील्ड अफसर अवधेश सक्सेना ने बताया कि सोमवार को करीब पांच लाख रुपये कैश आया था। जिसे प्रति ग्राहक दो हजार रुपये के अनुसार वितरित किया गया है। सोमवार को अधिकतर ग्राहक पैसा मिलने से संतुष्ट दिखे। लेकिन फिर भी सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ग्राहकों को कतारों में खड़ी करती नजर आई। जिससे वितरण का काम सुचारू रूप से चलता रहा।