कन्नौज। कृषि विभाग ने अपंजीकृत येलो फास्फोरस चूहा मार दवा (कृंतकनाशक) की बिक्री पूर्णत: प्रतिबंधित कर दी है। इसकी बिक्री किए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी संतलाल गुप्ता ने बताया कि अपर कृषि निदेशक कृषि रक्षा ने येलो फास्फोरस बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित किए जाने के निर्देश दिए हैं। यह अपंजीकृत चूहा मार दवा है। इस पर उन्होंने सभी कीटनाशक विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि वह अपंजीकृत येलो फास्फोरस तीन प्रतिशत पेस्ट का क्रय-विक्रय तत्काल प्रभाव से बंद कर दें। उन्होंने दुकानदारों को निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रतिष्ठान पर उत्पाद की बिक्री अथवा भंडारण पाए जाने पर संबंधित दुकानदार के विरुद्ध कीटनाशी अधिनियम 1968 एवं कीटनाशी नियमावली, 1971 के सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसानों को केवल पंजीकृत एवं अनुमोदित कीटनाशकों की ही बिक्री करें। बताया कि येलो फास्फोरस (3 प्रतिशत पेस्ट) मुख्य रूप से घरों और कृषि क्षेत्रों में चूहों को मारने वाला एक घातक विषैला पदार्थ है, जिसे रैटोल पेस्ट भी कहा जाता है।
पैराक्वाट डाइक्लोराइड न डालें किसान
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि पैराक्वाट डाइक्लोराइड एक तेज-असर वाला, गैर-चयनात्मक हर्बिसाइड (शाकनाशी) है। इसका उपयोग मुख्य रूप से खेती में खरपतवार को जड़ से जलाने के लिए किया जाता है। कई किसान इसकाे आलू की बेल मारने के लिए प्रयोग करते हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि यह कीटनाशक आलू की बेल मारने में न डालें। इससे कई दुष्प्रभाव हैं। इससे मृदा प्रदूषित होती है। किसान आलू की बेल को कटवाकर एक जगह पर एकत्रित कर लें।