सीएचसी तालग्राम के पास बन रहे पशु चिकित्सालय निर्माण को 40.33 लाख रुपये का बजट आवंटन हुआ है। इसकी नींव में सेम(घटिया) ईंट का प्रयोग किया जा रहा है। वहीं, गांव के श्रमिकों को काम देने की बजाय जेसीबी से नींव की खुदाई करवाई गई। यह देख ग्रामीणों ने विरोध कर उच्चाधिकारियों से जांच की मांग की है।
राजकीय पशु चिकित्सालय भवन में चार कमरे, एक डिस्पेंसरी कक्ष, बरामदा, दो इनडोर (बाड़ा), एक समर नलकूप, पानी की टंकी और बाउंड्रीवॉल का निर्माण होना है। इसलिए 40.33 लाख का बजट स्वीकृत हुआ। 20 मार्च को यूपीसीएल के सहायक अभियंता दिनेश कुमार पाठक और जेई प्रवीनचंद्र सक्सेना ने एक एकड़ जमीन का सीमांकन कराया।
अस्पताल भवन बनने से 60 गांव के पशुपालकों को बेहतर पशु चिकित्सा सेवा की उम्मीद है लेकिन इस भवन की शुरुआत होते ही गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्रामीण वीरेंद्र कुमार, धीरज सिंह, संजय कुमार, महेंद्र सिंह, जीत सिंह, पीयूष, राहुल कुमार, श्रीकृष्ण, तेजराम, नरेंद्र कुमार ने घटिया सामग्री से निर्माण शुरू कराने जाने का आरोप ठेकेदार पर लगाया है। यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता और पशु चिकित्साधिकारी से शिकायत की गई है। पशुपालकों ने बताया गुणवत्ता में सुधार न हुआ तो डीएम और सीएम से भी शिकायत करेंगे।
अवर अभियंता प्रवीन चंद्र सक्सेना ने बताया ईंटों की मनाही कर दी गई है। ठेकेदार को दूसरी ईंट मंगाकर निर्माण कार्य कराने को कहा गया है। पशु चिकित्साधिकारी डा. विकराल सिंह ने बताया घटिया निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। उच्चाधिकारियों से वार्ताकर सेम ईंटों को हटवाया जाएगा।