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कश्मीरी युवकों से तीन घंटे चली एटीएस की पूछताछ, देर रात छोड़ा

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सदर कोतवाली में एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह को जानकारी देते एटीएस टीम प्रभारी। - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। पुलिस की गिरफ्त में आए चार संदिग्ध कश्मीरी युवकों से पूछताछ करने के लिए लखनऊ से आई एटीएस टीम ने तीन घंटे तक उनसे पूछताछ की। इसके बाद टीम ने संदिग्धों के मोबाइल कॉल डिटेल की जानकारी ली। जांच पड़ताल के बाद ऐसा कुछ नहीं मिला जिससे इनके किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त होना साबित हो सके। कुछ भी हाथ न लगने के कारण टीम शाम सात बजे के करीब लौट गई। कश्मीरी युवकों को भी सशर्त छोड़ दिया गया। हालांकि युवकों ने सुरक्षा के लिहाज से कोतवाली में ही रात बिताने के लिए अनुमति मांगी। यह इन्हें दे दी गई है।
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गुरुवार रात खुफिया विभाग की सूचना पर सदर कोतवाली पुलिस ने कश्मीर के पुंछ जिले में रहने वाले चार संदिग्धों को मानीमऊ के मियागंज गांव से हिरासत में लिया था। आईबी और एलआईयू की पूछताछ के दौरान चारों ने दो मदरसों के निर्माण के लिए चंदा मांगने के लिए शामली, मेरठ, संभल, मुरादाबाद होते हुए कन्नौज पहुंचने की बात कही थी। इसकी कश्मीर पुलिस ने तस्दीक भी की थी।
शनिवार को लखनऊ से पहुंची एटीएस की पांच सदस्यीय टीम ने सदर कोतवाली में तीन घंटे तक चारों संदिग्धों से अलग-अलग और सामूहिक रूप से पूछताछ की। इसके बाद टीम ने मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल, परिवार के बारे में जानकारी जुटाई। जीवन-यापन, आय के स्रोत के बारे में पूछताछ की। सदर कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि कोई ऐसा तथ्य सामने नहीं आया, जिससे इनका आपराधिक कनेक्शन साबित होता हो। शाम करीब सात बजे एटीएस लखनऊ लौट गई है। कश्मीरी युवकों से भी सशर्त जाने के लिए कह दिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर इन्होंने रात कोतवाली में ही गुजारने की अनुमति मांगी थी। यह दे दी गई है। युवकों को मोबाइल ऑन रखने और बुलाने पर कोतवाली आने की शर्त के साथ छोड़ा गया है।
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मौलवी के खातों में भेजी थी चंदे की रकम
कश्मीरी युवकों ने एटीएस को बताया कि निर्माणाधीन मदरसों के निर्माण की जिम्मेदारी दो मौलवियों के पास है। मौलवी और उनका मकसद मदरसे का निर्माण पूरा करना है। इससे वह लोग उत्तर भारत में चंदा जुटा रहे हैं। 30 से 80 हजार रुपये होने पर वह लोग बैंकों के जरिए मौलवी के खाते में डाल देते हैं। अभी तक चारों लोगों ने करीब तीन लाख रुपये मौलवियों के खातों में डाले हैं। इसी से मदरसा का निर्माण और अन्य व्यवस्थाओं का संचालन होता है। इसके बाद एटीएस ने इनके खातों की जांच की तो पैसे ट्रांसफर होना सही पाया गया। जिन मौलवियों के खातों में रकम भेजी गई उनकी रिपोर्ट भी कश्मीर पुलिस ने सही भेजी है। इसी के बाद एटीएस ने हाथ खड़े कर लिए।
जानकारी होते ही परिजनों की नींद उड़ी
एटीएस की पूछताछ के बाद बाहर से आए कश्मीरी युवकों ने बताया कि उनके परिजन खासे परेशान हैं। घर में मां, पत्नी और बच्चे हैं। इन्होंने कहा कि उन लोगों से तीन दिन से पूछताछ चल रही है। उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। पुंछ के एसपी ने भी उनकी रिपोर्ट ठीक बताई है। वह लोग इससे पहले भी कई बार यहां आकर चंदा जुटा चुके हैं। आगे भी वह लोग आते रहेंगे। इन्होंने कहा कि इससे पहले वह लोग रमजान के महीने में यहां आए थे। पुंछ में रोजगार के साधन न होने के कारण वह लोग चंदा जुटाते हैं। इसके बदले में उन लोगों को कमीशन मिलता है। इसी से परिवार चलाते हैं।
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