फोटो:01: सीएचसी अधीक्षक डॉ. कुमारिल मैत्रेय। संवाद
तालग्राम। होली की मस्ती में सेहत का भी ख्याल रखें। होली के रंग बच्चों, युवाओं और बुजुर्ग सभी के चेहरों पर मुस्कान लाते हैं लेकिन केमिकल युक्त रंग और तेज खुशबू वाले गुलाल अस्थमा पीड़ित मरीजों व बुजुर्गों की परेशानी बढ़ा सकते हैं। इसी को लेकर चिकित्सक सीएचसी पहुंचने वाले मरीजों को सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि मास्क पहनकर होली खेलें और बच्चों की सेहत का भी खास ख्याल रखें।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. कुमारिल मैत्रेय ने बताया कि बाजार में होली पर बिकने वाले कई रंगों में सिंथेटिक डाई, भारी धातुएं व तेज परफ्यूम मिलाया जाता है। इनकी खुशबू व महीन कण सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंचकर एलर्जी, खांसी, सीने में जकड़न व सांस फूलने की समस्या बढ़ा सकते हैं। अस्थमा से पीड़ित बुजुर्गों व बच्चों में यह खतरनाक रूप ले लेती है।
उन्होंने अस्थमा के मरीजों को सलाह देते हुए बताया कि होली खेलते समय मास्क पहनें। सूखे व हर्बल रंगों का प्रयोग करें। भीड़-भाड़ वाले स्थानों से दूर रहने की जरूरत है। अस्थमा के मरीज इनहेलर सहित अन्य जरूरी दवाएं साथ रखें। रंग खेलने के तुरंत बाद स्नान कर साफ कपड़े पहनने की भी सलाह दी। कहा कि होली के दाैरान आंखों की सुरक्षा भी बहुत जरूरी है।