कन्नौज। मांगों और मानदेय में वृद्धि को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के क्रम में कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के बाहर अनोखे ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया। बड़ी संख्या में एकत्र होकर मुख्य द्वार पर धरना दिया और ढोलक बजाकर नारेबाजी की। उनका कहना है कि ढोलक बजाओ-सरकार जगाओ कार्यक्रम के माध्यम से सोए हुए प्रशासन को जगाने की कोशिश की गई है।
आशा कार्यकर्ता एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष रानी देवी ने आरोप लगाया कि भीषण सर्दी में वह लोग धरना दे रही हैं। 22 दिन बीतने के बाद भी अधिकारियों को हमारी आवाज सुनाई दे रही है और न ही नेताओं को कोई फर्क पड़ रहा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और नेताओं के कानों तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए आशाओं ने ढोलक का सहारा लिया है।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण से लेकर प्रसव तक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें न्यूनतम वेतन तक नहीं दिया जा रहा है। वह लंबे समय से अपनी आवाज उठा रही हैं, लेकिन प्रशासन और नेता उनकी बात अनसुनी कर रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि आशाओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। न्यूनतम मानदेय 18,000 रुपये प्रति माह निश्चित किया जाए। बकाया भुगतान और प्रोत्साहन राशि का तत्काल वितरण हो। ड्यूटी के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य बीमा की सुविधा मिले। प्रदर्शन के दौरान कई घंटों तक सीएमओ कार्यालय का कामकाज प्रभावित रहा। कहा कि जैसे-जैसे उनके आंदोलन को समय होता जा रहा है, वैसे-वैसे आशाओं में रोष बढ़ता जा रहा है। जब तक यह मांगे नहीं मानी जाएंगी, तब तक प्रदेश भर में आशाओं का प्रदर्शन चलता रहेगा। इसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा।