नोटबंदी के बाद से जिले में खाते से ज्यादा धन निकासी करने वालों पर भी आयकर विभाग की नजर है। हैसियत से ज्यादा धन निकासी पर आईडी प्र्रूफ की जांच भी होगी। दूसरों के लिए लाइन में लगकर अपनी आईडी से पैसा निकालने वाले भी चिह्नित किए जाएंगे। आयकर विभाग की इस पहल से लोगों में खलबली मची हुई है। वहीं, इत्र कारोबारी, कोल्ड स्टोरेज समेत बड़ी फर्मों के कर्मचारियों के खाते व आईडी प्रूफ भी आयकर विभाग के रडार पर हैं।
आयकर विभाग और बैंक सूत्रों की माने तो विभाग ऐसे उपभोक्ताआें की कुंडली बनाने में लगा है जिन्होंने साल भर में अपने खाते में कभी पैसा जमा नहीं किया, अथवा दो तीन माह में एक बार जमा किया लेकिन नवंबर व दिसंबर में 20 से 25 बार धन की निकासी कर ली। रिजर्व बैंक से सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक खाते से पैसा निकालने में बैंक में प्रयुक्त हुई आईडी की भी जांच होगी। बैंकों को 8 नवंबर से अभी तक की आईडी सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। आयकर विभाग बैंकों की फुटेज को भी आधार बनाकर जांच करेगा। इसके साथ ही लाइन में लगकर नोट बदलने वाले फैक्ट्री कर्मियों पर विशेष निगरानी होगी।
चर्चा है कि नोटबंदी के दौरान इत्र कारोबार, कोल्ड स्टोरेज समेत अन्य व्यापारिक फर्म में लगे मजदूरों ने फर्म मालिकों के लिए लाइन में लगकर नोट बदलवाने में सहयोग किया है। इन लोगों की आर्थिक हैसियत का पता लगाने के बाद अधिकारी अपनी जांच में कालेधन को सफेद करने वालों को चिह्नित करने का प्रयास करेंगे।