कन्नौज। होली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने सोमवार को मिलावटखोरों पर बड़ी कार्रवाई की है। जिले में 159 दुकानदारों पर कुल 71.43 लाख रुपये का भारी अर्थदंड लगाया गया है। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत की गई है।
विभाग ने पूरे जिले में छापामार अभियान चलाया था। इस अभियान में दुकानों से 400 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। नमूनों की रिपोर्ट आने पर 159 नमूने जांच में फेल मिले। इनमें पनीर में अरारोट और खोया में मैदा जैसी मिलावट की पुष्टि हुई। कई अन्य हानिकारक रसायनों का भी प्रयोग किया जा रहा था। अपर जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह ने इन सभी 159 दुकानदारों को दोषी मानते हुए जुर्माना लगाया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप है। उन्होंने बताया कि यह अभियान लगातार चलता रहेगा।
टिंचर डालते ही भूरा हो जाता रंग
खाद्य सुरक्षा विभाग के उपायुक्त उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि खोया व पनीर की शुद्धता की परख के लिए टिंचर अति महत्वपूर्ण तत्व है। टिंचर आसमानी नीले रंग का पदार्थ होता है जिसकी बूंद खाद्य पदार्थ पर डालते ही यदि उसका रंग गहरा भूरा हो जाए तो वह वस्तु अधोमानक श्रेणी में आ जाती है यानि खाने के योग्य नहीं होती और यदि रंग न बदले तो शुद्ध मानी जाती है। खोया व पनीर व सर्वाधिक मिलावट पाई जाती है। इन उत्पादों के अधोमानक होने पर पांच लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है। इसी प्रकार रंगीन कचरी जानलेवा है, अधिक मात्रा में अखाद्य रंग का प्रयोग होने से कैंसर की बीमारी हो सकती है, इन प्रकरणाें में जुर्माना व जेल दोनों हो सकती है।
फोटो :08:
मिलावटी भोजन न केवल तत्काल फूड प्वाइजनिंग का कारण बनता है, बल्कि इसमें मौजूद रसायन शरीर में जमा होकर मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ देते हैं। बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह विशेष रूप से खतरनाक है क्योंकि यह भ्रूण के विकास और बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को पूरी तरह नष्ट कर सकता है।
-डॉ. मनप्रीत कौर, गायनेकोलॉजिस्ट, जिला अस्पताल
फोटो :09:
मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों को छापा मारने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह अभियान लगातार चलता रहेगा। लैब से जिन नमूनों की जांच रिपोर्ट मिली थी, उन पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जुर्माना लगाया गया है। वसूली के लिए नोटिस जारी कर दिए गए हैं।
-देवेंद्र सिंह, अपर जिलाधिकारी
फोटो :07: प्रतीकात्मक फोटो। स्रोत : एआई
जिले में फल-फूल रहा नकली खाद्य पदार्थों का कारोबार, खाद्य सुरक्षा विभाग ने जारी की एडवाइजरी
संवाद न्यूज एजेंसी
कन्नौज। होली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने सोमवार को मिलावटखोरों पर बड़ी कार्रवाई की है। जिले में 159 दुकानदारों पर कुल 71.43 लाख रुपये का भारी अर्थदंड लगाया गया है। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत की गई है।
विभाग ने पूरे जिले में छापामार अभियान चलाया था। इस अभियान में दुकानों से 400 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। नमूनों की रिपोर्ट आने पर 159 नमूने जांच में फेल मिले। इनमें पनीर में अरारोट और खोया में मैदा जैसी मिलावट की पुष्टि हुई। कई अन्य हानिकारक रसायनों का भी प्रयोग किया जा रहा था। अपर जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह ने इन सभी 159 दुकानदारों को दोषी मानते हुए जुर्माना लगाया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप है। उन्होंने बताया कि यह अभियान लगातार चलता रहेगा।
टिंचर डालते ही भूरा हो जाता रंग
खाद्य सुरक्षा विभाग के उपायुक्त उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि खोया व पनीर की शुद्धता की परख के लिए टिंचर अति महत्वपूर्ण तत्व है। टिंचर आसमानी नीले रंग का पदार्थ होता है जिसकी बूंद खाद्य पदार्थ पर डालते ही यदि उसका रंग गहरा भूरा हो जाए तो वह वस्तु अधोमानक श्रेणी में आ जाती है यानि खाने के योग्य नहीं होती और यदि रंग न बदले तो शुद्ध मानी जाती है। खोया व पनीर व सर्वाधिक मिलावट पाई जाती है। इन उत्पादों के अधोमानक होने पर पांच लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है। इसी प्रकार रंगीन कचरी जानलेवा है, अधिक मात्रा में अखाद्य रंग का प्रयोग होने से कैंसर की बीमारी हो सकती है, इन प्रकरणाें में जुर्माना व जेल दोनों हो सकती है।
फोटो :08:
मिलावटी भोजन न केवल तत्काल फूड प्वाइजनिंग का कारण बनता है, बल्कि इसमें मौजूद रसायन शरीर में जमा होकर मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ देते हैं। बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह विशेष रूप से खतरनाक है क्योंकि यह भ्रूण के विकास और बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को पूरी तरह नष्ट कर सकता है।
-डॉ. मनप्रीत कौर, गायनेकोलॉजिस्ट, जिला अस्पताल
फोटो :09:
मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों को छापा मारने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह अभियान लगातार चलता रहेगा। लैब से जिन नमूनों की जांच रिपोर्ट मिली थी, उन पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जुर्माना लगाया गया है। वसूली के लिए नोटिस जारी कर दिए गए हैं।
-देवेंद्र सिंह, अपर जिलाधिकारी