गृह जनपद के लिए रवाना होते प्रवासी श्रमिक, इस दौरान सामाजिक दूरी टूटती दिखी।
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कन्नौज। लॉकडाउन में गैरप्रांतों में फंसे श्रमिकों को लेकर एक और ट्रेन पहुंची। कन्नौज, फर्रुखाबाद, हरदोई, मैनपुरी, आगरा और कासगंज के प्रवासी श्रमिकों को लेकर स्पेशल ट्रेन सुबह पांच बजे कन्नौज आई तो अपनी धरती देख इनके आंसू निकल आए। रुंधे गले से कहा, अब मन को सुकून मिला है। 24 स्लीपर बोगियों से 159 प्रवासियों को प्लेटफार्म एक पर सुरक्षा घेरे में उतारा गया। रेलवे स्टेशन पर थर्मल स्क्रीनिंग की गई। किसी में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं मिले। प्रवासियों को लंच पैकेट और पानी की बोतल देकर पांच बसों से घर भेज गया। कन्नौज के आठ लोगों को क्वारंटीन किया गया है।
जिले में तीन स्पेशल ट्रेन से अब तक पांच हजार से अधिक प्रवासी श्रमिक लाए जा चुके हैं। बुधवार सुबह पांच बजे जयपुर से स्पेशल ट्रेन 159 प्रवासियों को लेकर पहुंची। एडीएम गजेंद्र कुमार और एएसपी विनोद कुमार की देखरेख में कन्नौज समेत छह जिलों के 159 प्रवासी श्रमिकों को सुरक्षा घेरे में उतारा गया। सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इन्हें स्टेशन के बाहर खड़ी पांच बसों से भेजा गया। बैठाने से पहले बसों को सैनिटाइज किया गया था। इन्हें लंच पैकेट और पानी की बोतल दी गई। एडीएम गजेंद्र कुमार ने बताया कि स्पेशल ट्रेन से 159 प्रवासी आए हैं। कन्नौज के आठ श्रमिकों को क्वारंटीन सेंटर भेज गया है। बाकी को बसों से उनके गृह जनपद भेजा गया है।
आखिर 266 प्रवासी कहां गए?
बुधवार को जयपुर से आने वाली स्पेशल ट्रेन से 266 प्रवासी श्रमिकों के आने की सूचना जिला प्रशासन और रेलवे को मिली थी। ट्रेन से 159 यात्री उतरे। इससे प्रशासनिक अधिकारी और रेलवे के अफसर परेशान रहे। कई बार एनाउंस करवाया गया। कोई यात्री नहीं उतरा। अफसरों ने हर एक बोगी चेक की। करीब 45 मिनट ट्रेन स्टेशन पर खड़ी रही। अफसरों और लोगों में प्रवासी श्रमिकों के फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पर उतर जाने की चर्चा रही। हालांकि रेलवे अफसरों ने इससे इंकार किया है। एडीएम ने बताया कि कई लोगों ने आने का पंजीकरण करा दिया था। बाद में कुछ अन्य साधन या पैदल चले आए। फर्रुखाबाद में प्रवासियों के उतर जाने की बात गलत है।
30 मिनट देरी से आई ट्रेन
मंगलवार रात नौ बजे ट्रेन जयपुर स्टेशन से वाराणसी के लिए प्रवासियों को लेकर चली। कन्नौज और वाराणसी में प्रवासी उतरने थे। ट्रेन का कन्नौज पहुंचने का समय सुबह साढ़े चार बजे था। श्रमिक स्पेशल ट्रेन 30 मिनट देरी से आई।