नगर के पूर्वी बाईपास पर हाईवे किनारे बसी राधानगर
कालोनी में इस समय बुखार का प्रकोप फैला है। डेंगू की आशंका के चलते
मोहल्ले के कई लोगों को उपचार के लिए कानपुर व अन्य जगहों पर ले जाया गया
है। बुखार के प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर
मरीजों की जांच कर उन्हें दवाएं वितरित की।
मोहल्ला राधानगर कालोनी
निवासी सलोवा के पूर्व जिला महासचिव अजय श्रीवास टिंकू ने बताया कि उनके
पुत्र नैतिक और उनके छोटे भाई सिपाही बृजेंद्र सिंह की पुत्री अनन्या (11) व
पुत्र आदित्य (9) पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित हैं। बताया कि बुधवार
की रात भतीजी अनन्या की हालत ज्यादा खराब होने पर उसे उपचार के लिए कानपुर
में भर्ती कराया गया।
इसके अलावा इसी मोहल्ले के प्रवेश कुमार श्रीवास्तव
की पुत्री नीतेश का भी इलाज कानपुर में चल रहा है। वह पिछले कई दिनों से
बुखार से पीड़ित हैं। इसी कालोनी के महावीर सिंह का पुत्र धर्मेंद्र सिंह,
कल्लू पुत्र सुंमान, उसकी पत्नी शमा बेगम, टिंकू पुत्र बाबू, इंद्रपाल
पुत्र सोबरन सिंह समेत कई अन्य लोग बुखार से पीड़ित चल रहे हैं।
ज्यादातर
पीड़ितों की प्लेट्सलेट काफी कम होने के कारण डेंगू की आशंका जताई जा रही
है। जिसके चलते पूरी कालोनी में हड़कंप मचा हुआ है। उधर, सूचना पर गुरुवार की दोपहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी
चिकित्साधिकारी डाक्टर राहुल मिश्रा ने डाक्टर शोभित भारद्वाज के नेतृत्व
में डाक्टर अभिषेक बाजपेई, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक शिवरतन सिंह आदि की टीम ने
राधानगर कालोनी का भ्रमण कर घर-घर जाकर बुखार पीड़ितों की जांच कर उन्हें
दवाएं दी।
इसके अलावा दो मरीजों का डेंगू परीक्षण के लिए खून का सैंपल लिए।
इसके अलावा कई अन्य की जांच के लिए स्लाइड बनाई। उधर, मोहल्ले में नियमित
सफाई न कराए जाने से जहां नालियों में कीचड़ भरा है, वहीं गलियों में कूड़े
के ढेर लगे रहते हैं। सपा नेता अजय श्रीवास टिंकू ने पालिका प्रशासन से
नियमित सफाई कराने और मोहल्ले में फागिंग कराए जाने की मांग की है, ताकि
लोगों को मच्छरों के प्रकोप से राहत मिल सके।