कन्नौज। कुत्ता, बंदर, बिल्ली के काटने से परेशान मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। मरीजों को अब सरकारी अस्पताल में एआरवी के साथ सीरम भी लगाया जाएगा। इससे मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और वह रैबीज से लड़ने में असरदार होगा।
जिला अस्पताल में रोजाना 40 से 50 मरीज कुत्ता, बंदर और बिल्ली के काटने से इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं। इन्हें डॉक्टर की सलाह पर एआरवी इंजेक्शन लगाया जाता है। कई मरीज ऐसे होते हैं, जिनके गहरे घाव होते हैं, उन्हें डॉक्टर रैबीज एंटी सीरम लगाने की सलाह देते हैं। पहले मरीजों को सीरम बाहर से खरीदकर लाना पड़ता था पर अब सरकारी अस्पतालों में भी सीरम उपलब्ध कराया जा रहा है। गहरा घाव होने पर सीरम को उसी के पास लगाया जाता है और कभी-कभी हाथ में लगाया जाता है।
इससे मरीज की रैबीज से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है, जो ज्यादा असरदार होती है और मरीज जल्द स्वस्थ होता है। जिला अस्पताल में रैबीज एंटी सीरम उपलब्ध करा दिए गए हैं और सीएचसी पर भी जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे। सीएमएस डॉ. शक्ति बसु का कहना है कि रैबीज के मरीजों को पहले एआरवी लगाया जाता था। अब सरकार ने सीरम भी उपलब्ध करा दिया है। इससे रैबीज के गंभीर मरीजों के लगाया जाएगा, जिससे उनकी रैबीज के वायरस से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।
फार्मासिस्टों को दिया गया प्रशिक्षण : रैबीज एंटी सीरम किन मरीजों के लगाया जाएगा और उसकी मात्रा आदि के लिए फार्मासिस्टों को एक दिन का कानपुर में प्रशिक्षण दिया गया है। सीरम रैबीज से लड़ने में ज्यादा असरदार साबित होगा।