क्षेत्र के ग्राम नगला सदारी में लगे आठ हैंडपंप सूख गए, जिससे गांव में पेयजल संकट छाया हुआ है। अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी गांव में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं कराई गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने जीटी रोड पर जाम लगा दिया। भाजपा जिला महामंत्री के लिखित आश्वासन पर ग्रामीणों ने एक घंटे बाद जाम खोला, तब जाकर यातायात बहाल हुआ।
क्षेत्र के ग्राम नगला सदारी में लगभग 800 की आबादी है। इस गांव में आठ हैंडपंप लगे हुए हैं। गर्मी का मौसम शुरू होते ही हैंडपंप सूख गए, जिससे ग्रामीणों को पीने का पानी भी नसीब नहीं हो रहा है। गांव के लोगों ने इस समस्या से निजात के लिए जिले के आला अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बुधवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने गांव के सामने ही खाली बाल्टी और डिब्बे लेकर जीटी रोड पर जाम लगा दिया। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम की सूचना पाकर सिकंदरपुर चौकी इंचार्ज अरिमर्दन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों ने जाम खोलने से इनकार कर दिया।
इसी दौरान सूचना पाकर भाजपा जिला महामंत्री गौरव द्विवेदी व नगर अध्यक्ष सिंटू दुबे कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंच गए। भाजपा नेताओं ने ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के अंदर उनके गांव में पेयजल समस्या दूर कर दी जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोला, तब जाकर यातायात बहाल हुआ।
ग्रीष्मकालीन मक्का पर प्रतिबंध लगाने की मांग
सिकंदरपुर। ग्राम नगला सदारी निवासी सुलेखा देवी, कांती देवी, सुनीता और मोहनी ने बताया कि गांव के आसपास आलू खुदाई के बाद ग्रीष्मकालीन मक्का की सबसे अधिक बुआई की गई है। अधिकतर किसानों के पास खेतों पर सबमर्सिबल पंप लगे हैं। इस मक्का में हर चौथे दिन सिंचाई होती है। ऐसे में भू-जल का दोहन अत्यधिक हो रहा है, जिससे गांव में लगे आठों हैंडपंप सूख गए हैं। गांव की रेशमा देवी, सुशीला देवी, मनोरमा, पिंकी, गुड्डी, नरोत्तम आदि ने जिलाधिकारी से ग्रीष्मकालीन मक्का पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।