तिर्वा (कन्नौज)। तहसीलदार के साथ दरोगा के अभद्रता का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को तहसील खुलते ही लेखपाल संघ व अमीन संघ ने घटना की निंदा करते हुए दरोगा व सिपाही के निलंबन की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार करते हुए हड़ताल शुरू कर दी।
तहसील क्षेत्र के लिलुईया गांव में ग्राम प्रधान शरद यादव ने गांव के बाहर सरकारी जमीन पर गोशाला का निर्माण शुरू कराया था। कार्य शुरू होते ही गांव के ही कुछ लोग अपने बुजुर्गों की भूमि बताते हुए गोशाला निर्माण के लिए खड़े किए गए पिलर तोड़कर भूमि पर कब्जा करने लगे। गोशाला की भूमि पर अवैध निर्माण की सूचना ग्राम प्रधान ने तहसील प्रशासन को रविवार की दोपहर में दी। एसडीएम के निर्देश पर मौके पर तहसीलदार अनिल कुमार सरोज राजस्व टीम के साथ पहुंचे। चिन्हित की गई गोशाला की भूमि से कब्जा हटवाने के लिए कहा। तहसीलदार की बात को सुनकर कब्जा कर रहे ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीणों को भड़कता देख तहसीलदार ने कोतवाली प्रभारी से पुलिस भेजने की मांग की। तहसीलदार की सूचना पर पहुंचे तिर्वा कोतवाली के दरोगा व एक सिपाही ने ग्रामीणों का सहयोग करते हुए तहसीलदार से अभद्रता कर दी। पुलिस कर्मियों द्वारा अभद्र व्यवहार की जानकारी तहसीलदार ने उच्चाधिकारियों को दी। सोमवार सुबह तहसीलदार से अभद्र व्यवहार करने वाले दरोगा व सिपाही के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने की जानकारी पर तहसील का लेखपाल संघ व अमीन संघ भड़क उठा। तहसीलदार के पक्ष में दोनों संघों के सदस्यों ने तहसील में पुलिस विरोधी नारेबाजी की। यह कार्यालय बंद कर धरना प्रदर्शन पर बैठ गए। लेखपाल संघ ने मांग की है कि जब तक दोनों पुलिस कर्मचारियों को निलंबित नहीं किया जाएगा, धरना चलता रहेगा। लेखपाल संघ अध्यक्ष बृजनंदन यादव ने बताया कि जब एक मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस ऐसा व्यवहार कर सकती हैै तो लेखपाल व अमीन के साथ कैसा बर्ताव करेगी। उन्होंने मांग की, जब तक दोनों पुलिस कर्मियों का निलंबन नहीं होगा, तब तक दोनों संघ हड़ताल पर रहेंगे।
बंद कमरे में पंचायत चलने के बाद भी मामला नहीं दबा
रविवार देर शाम तहसील पहुंचे एसडीएम महेंद्र कुमार, सीओ सुबोध कुमार जायसवाल, कोतवाल टीपी वर्मा व दरोगा जंगबहादुर ने तहसील में तहसीलदार अनिल कुमार सरोज से बंद कमरे में करीब तीन घंटे तक वार्ता की। इसका नतीजा शून्य रहा। पंचायत में घटना को दबाने का काफी प्रयास किया गया। तहसीलदार खासे नाराज रहे। वह दरोगा पर कार्रवाई की बात करते रहे।
कन्नौज व गुरसहायगंज में भी रहे चुके चर्चित दरोगा
तहसीलदार अनिल कुमार सरोज के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले दरोगा पहली बार चर्चा में नहीं आए। इससे पहले भी कन्नौज व गुरसहायगंज कोतवाली में चर्चा में रह चुके हैं। गुरसहायगंज में तैनाती के दौरान लाइन हाजिर तक होना पड़ा था।
लेखपालों की हड़ताल में पिस गए लोग
तहसीलदार के पक्ष में लेखपाल संघ ने दरोगा को निलंबन की मांग को लेकर सोमवार सुबह हड़ताल शुरू कर दी। लेखपालों ने तहसील के सभी कार्यालय समेत खतौनी कक्ष भी बंद करा दिया। दूर-दूर से आए लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तहसील में खतौनी कक्ष खुलने के इंतजार में देर शाम तक लोग बैठे रहे।