कन्नौज। गंगा नदी का जलस्तर शुक्रवार काे 40 सेंटीमीटर बढ़ गया, उधर काली नदी भी उफान पर है। इस कारण कटरी क्षेत्र के गांवों में जलभराव से ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीण नावों का सहारा लेकर आवागमन कर रहे हैं। खेत जलमग्न होने से फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। सब्जी की फसल चौपट हो गई है। लोग सड़कों पर डेरा जमाए हुए हैं।
गंगा का जलस्तर गुरुवार को 30 सेंटीमीटर कम होकर 125.700 मीटर हो गया था, जो शुक्रवार को 40 सेंटीमीटर बढ़ कर 125.740 मीटर हो गया। जो खतरे के निशान से 230 सेंटीमीटर नीचे है। काली नदी के साथ गंगा के जलस्तर में अचानक उफान आने से कटरी क्षेत्र के गांवों में पानी भरा हुआ है। गंगा की तलहटी के गांव कासिमपुर, बक्सीपुर्वा, कटरी गंगपुर, गंगूपुर्वा, दाईपुर, चौराचांदपुर, मेहंदीपुर, महमूदपुर बीजा, गुमटिया, सलेमपुर ताराबांगर, चौधरियापुर बांगर, जुकइया, चांदापुर बांगर, डहलेपुर, नाहरघाटी सहित अन्य गांवाें में हाल बेहाल है। जलभराव के चलते गामीणों को राहत नहीं मिल रही है। ग्रामीण नाव के सहारे ही आवागमन कर हैं। सब्जी की फसल पूरी तरह चौपट हो चुकी है। अन्य फसलों को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। जान बचाने के लिए ग्रामीण सड़कों पर झोपड़ी डालकर गुजर बसर कर रहे हैं। जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
वर्जन
बाढ़ प्रभावितों को प्रशासन की ओर से हर संभव मदद दी जा रही है। बचाव एवं राहत के लिए गंगा व काली नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में बचाव एवं राहत टीमें तैनात की गई हैं, स्थलीय निरीक्षण कर बाढ़ पर नजर रखी जा रही है। प्रभावित ग्रामीणों को जरूरी खाद्य सामग्री व दवाइयाें का वितरण किया जा रहा है।
-आशीष कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी