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Kannauj News: संविदा लाइनमैन की हत्या का आरोप, शव रखकर हंगामा

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गुरसहायगंज। संविदा पर तैनात लाइनमैन की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए एसडीओ कार्यालय पर शव को रख दिया और हंगामा किया। परिजन आरोपियों को मौके पर बुलाकर गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े थे। एएसपी के समझाने पर छह घंटे बाद शव को उठने दिया। तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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क्षेत्र के ग्राम मरहरिया निवासी संविदा लाइनमैन धर्मवीर दोहरे की मंगलवार सुबह संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजन शव को लेकर एसडीओ कार्यालय पर आए और हंगामा करने लगे। पत्नी गुड्डी ने बताया कि भोर में तीन बजे फोन आने के बाद पति उपकेंद्र पर चले गए। सुबह साढ़े छह बजे ऑपरेटर आलोक कुमार ने देवर प्रदीप को जानकारी दी कि धर्मवीर बेहोशी की हालत में बिजलीघर पर पड़ा है। परिजन उसे लेकर कस्बे में एक प्राइवेट डॉक्टर के पास लाए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। आक्रोशित परिजनों ने एसडीओ कार्यालय पर शव को रख दिया और हत्या का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे।
प्रभारी निरीक्षक आलोक दुबे ने समझाने का प्रयास किया पर नहीं माने और आरोपियों को मौके पर बुलाकर गिरफ्तार करने की मांग की। एएसपी अजय कुमार ने परिजनों को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, तब छह घंटे बाद शव को सील का पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। एएसपी ने बताया कि तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
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दो लाइनमैन व एक प्राइवेट कर्मी पर आरोप
धर्मवीर दोहरे का भाई प्रदीप भी गुगरापुर उपकेंद्र पर लाइनमैन है। उसने ग्राम निकोवनपुरवा निवासी प्राइवेट कर्मी अभिषेक दीक्षित, गोसाईंदासपुर निवासी लाइनमैन आशीष तिवारी व सदन सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने लाइनमैन अभिषेक दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
धर्मवीर ने जताई थी हत्या की आशंका
भाई प्रदीप ने बताया कि भाई को पहले ही हत्या का अंदेशा था। इसको लेकर नौरंगपुर पुलिस चौकी पर प्रार्थना पत्र भी दिया था, लेकिन कार्रवाई तो दूर पुलिस ने उस पर जांच तक नहीं की। इस बारे में सीओ सिटी कमलेश कुमार ने बताया कि पुलिस भी बिंदुओं पर जांच कर रही है। यदि इसमें पुलिस की लापरवाही मिली तो निश्चित रूप से कठोर कार्रवाई की जाएगी।
60 लाख रुपये की वसूली तो नहीं बनी वजह
हत्या के पीछे 60 लाख रुपये की वसूली बताई जा रही है। भाई ने आरोप लगाया कि बकायेदारों से सरकारी लाइनमैन आशीष तिवारी ने 60 लाख रुपये वसूल किए थे। विभाग में जमा नहीं किए गए और बंदरबांट कर लिया गया। इसमें एक प्राइवेट कर्मी अभिषेक दीक्षित व सदन भी शामिल है। धर्मवीर ने इसकी शिकायत बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों से कर दी थी, जिस पर तीनाें ने जान से मारने की धमकी दी थी। प्रभारी अधिशासी अभियंता अभिषेक सिंह ने बताया कि इस मामले भी विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
नहीं खुला दफ्तर का ताला
एसडीओ कार्यालय के बाहर महिलाओं की पुलिस से तीखी झड़प हो गई। डर की वजह से कोई भी कर्मचारी दफ्तर नहीं पहुंचा और ताला भी नहीं खुला। ऐसे में बिल जमा करने आए उपभोक्ता भटकते रहे। कार्यालय के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था, जिससे आक्रोशित लोग तोड़फोड़ न कर दें। काफी देर तक लोग दफ्तर खुलने का इंतजार करते रहे, इसके बाद घर को लौट गए।
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