मॉडल स्कूल फतेहपुर जसोदा का निर्मित भवन।
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अखिलेश सरकार में सदर तहसील के फतेहपुर जसोदा व छिबरामऊ तहसील के बिरौली गांव में मॉडल स्कूलों का निर्माण कराया गया था। प्रदेश में बनी भाजपा सरकार ने इन स्कूलों का नाम परिवर्तित करते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय इंटर कालेज कर दिया है, लेकिन शासन से विद्यालयों का सत्र शून्य घोषित कर दिए जाने से छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए सत्र एक अप्रैल 2018 से चालू करने के निर्देश जारी किए हैं। डीआईओएस को निर्देश दिए हैं कि वह जिन छात्रों के दाखिले हो चुके हैं उनका दाखिला निकटतम के विद्यालय में कराएं।
29 जून को शासन ने इन दोनों मॉडल विद्यालयों का नाम परिवर्तित करते हुए सत्र को शुरू करने की मंजूरी प्रदान कर दी। विभाग ने बिरौली में डा. सुनील चतुर्वेदी व फतेहपुर जसोदा में शिवमोहन कुशवाहा को प्रभारी प्रधानाचार्य के पद पर संबद्ध कर दिया। बिरौली में कक्षा छह व नौ में करीब 35 व फतेहपुर जसोदा में पूरे प्रदेश में सबसे अधिक 220 छात्रों के दाखिले कर लिए गए।
12 जुलाई को माध्यमिक शिक्षा निदेशक अमरनाथ वर्मा ने 2017-18 का सत्र शून्य घोषित करते हुए निर्देश दिए कि शासन स्तर पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया कि इन विद्यालयों का शैक्षिक सत्र 2018-19 में शुरू किया जाएगा। शैक्षिक सत्र शून्य घोषित होने के बाद दाखिला ले चुके छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया। अब ये छात्र अपने भविष्य के लिए दूसरे विद्यालयों का चयन कर दाखिले की कवायद में जुटे हैं।
वर्जन
जिले में दो पंडित दीनदयाल उपाध्याय इंटर कालेजों का निर्माण कराया गया। कालेजों में सत्र शुरू करने के लिए दूसरे विद्यालयों से कुछ स्टाफ को संबद्ध किया गया था, लेकिन शासन स्तर पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में सत्र को शून्य घोषित कर दिया गया है। कालेजों में जो कमियां रह गई हैं उनको पूरा कराए जाने के लिए शासन को डिमांड भेजी जाएगी। व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद अगले सत्र से कक्षाओं का संचालन होगा। जिन छात्रों ने दाखिला ले लिया है, वह अपना निकटतम के विद्यालय में दाखिला करा लें। यदि कोई समस्या आ रही है तो छात्र उनसे मिलकर समस्या से अवगत करा सकते हैं।- विमलेश विजयश्री, जिला विद्यालय निरीक्षक कन्नौज