कन्नौज। जिले की मतदाता सूची में 28 हजार डुप्लीकेट वोट मिले हैं। चुनाव आयोग के निर्देश पर जब जिला निर्वाचन कार्यालय में मतदाता सूचियों का आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के माध्यम से मिलान कराया गया तो फर्जीवाड़ा समझ में आया है। डीएम ने इन सभी मतदाताओं के भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सभी ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों को नोडल बनाया गया है। अब मतदाता सूची में एक युवक या महिला का एक ही जगह वोट रहेगा। डुप्लीकेट वोटों को सत्यापन के बाद सूची से हटा दिया जाएगा।
निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिला निर्वाचन कार्यालय में एआई के विशेष साफ्टवेयर की मदद से जब मतदाता सूचियों का मिलान कराया गया तो आठ ब्लॉकों में 28 हजार वोट ऐसे निकले, जो जिले में अन्य गांवों और कस्बों में भी हैं। कुछ समय से सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच वोट चोरी को लेकर जंग छिड़ी है। इसी को लेकर चुनाव आयोग ने विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान शुरू किया है, जिसमें एआई की मदद ली जा रही है। जिले में लोकसभा, विधानसभा व त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूचियों का एआई से मिलान किया गया तो डुप्लीकेट वोट मिल गए।
इनकी अलग से सूची बनाकर संबंधित ब्लॉकों के बीएलओ व सुपरवाइजर के पास भेजकर भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि इस सूची में भी कई अपवाद हैं, जैसे कोई अमन नाम का युवक है और उसके पिता का नाम भी वही है, जो दूसरे गांव में हैं। आयु भी समान लिखी है। ऐसी स्थिति में सत्यापन से ही तय होगा कि दोनों अलग-अलग युवक हैं। हालांकि कई वोट दो-दो जगह बने हैं, जिनका खुलासा समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण भी कर चुके हैं। डीएम-एसपी समेत कई अधिकारियों ने भी निर्वाचन कार्यालय का राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ निरीक्षण किया और सत्यापन कार्य में पूर्ण पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी बिनीत कटियार का कहना है कि एआई की मदद से जिले में 28 हजार डुप्लीकेट मतदाता निकाले गए हैं, जिनका भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। डबल वोट हैं तो उन्हें काट कर एक ही वोट रखा जाएगा। सभी ब्लाॅकों के बीडीओ को सत्यापन का नोडल बनाया गया है और उनसे प्रतिदिन रिपोर्ट मांगी जा रही है, जिसे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।
अपात्रों के नाम दर्ज करवाने पर मुखिया पर होगी कार्रवाई
चुनाव आयोग के निर्देश पर मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत अब मतदाता सूची में एक ही घर में रहने वाले एक परिवार के सदस्यों के नाम एक स्थान पर लिखे जाएंगे। परिवार के मुखिया के तुरंत बाद परिवार के अन्य सदस्यों के नाम क्रम रूप से दर्ज किए जाएंगे। अपात्र लोगों के नामों को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं कम उम्र अथवा अन्य कारणों से अपात्रों के नाम मतदाता सूची में दर्ज करा लिए गए हैं, तो ऐसे परिवार के मुखिया के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, निर्वाचन विभाग द्वारा बीएलओ को निर्देश जारी किए गए हैं कि वह प्रत्येक घर में पहुंचकर मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य करें। इसमें कोताही न बरती जाए। सर्वे का कार्य 19 अगस्त से शुरू किया जा चुका है और इसे 29 सितंबर 2025 तक पूर्ण करना होगा।
क्या है नया नियम
चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि मतदाता सूची में परिवार के सदस्यों के नाम एक साथ और क्रमबद्ध तरीके से राशन कार्ड की तरह दर्ज किए जाएं। इससे मतदाता पर्ची बनाने में सुविधा होगी और मतदाताओं को अपने नाम खोजने में आसानी होगी।
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वर्ष 2021 की अपेक्षा बढ़ सकते हैं मतदाता
जिले में वर्ष 2021 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की निर्वाचक नामावली में 11,24,763 मतदाता थे। वहीं, जिले में 499 ग्राम पंचायतें, 81 न्याय पंचायतें है। इसमें 499 प्रधानों, 676 बीडीसी, 28 जिला पंचायत सदस्य और 6,337 से अधिक ग्राम पंचायत के सदस्य पद हैं। उस समय के चुनाव के लिए 833 मतदान केंद्र और 1843 बूथ बनाए गए थे। इस बार मतदाताओं की संख्या बढ़ जाएगी। साथ ही मतदाताओं की सुविधा पर भी ध्यान दिया जा रहा है।