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आसमान में बादल देख किसानों की धड़कनें तेज

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आसमान में बदली देख आलू की छटाई करते किसान व मजदूर। - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। सुबह की शुरुआत घने बादलों के साथ हुई। आमसान में बदली देख किसानों की धड़कनें तेज हो गई। किसान बारिश व ओले की संभावना में बची फसल को बचाने के लिए सुबह ही घरों से निकल गए। खेत में खुले पड़े आलू व सरसों की फसलों को बचाने में जुट गए। हालांकि, कुछ घंटे बाद आसमान में तेज धूप निकल आई। इससे किसानों समेत लोगों ने राहत की सांस ली कुछ देर में फिर से बादल छा गए। वहीं, अगर बारिश होती तो सबसे अधिक आलू, सरसाें, गेहूं समेत सब्जी की फसलों को नुकसान होगा।
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रविवार की सुबह मौसम ने अचानक करवट बदली। सुबह से ही आसमान में काले बादल घिर आए। वह बिस्तर से उठते ही परिवार समेत खेतों की ओर निकल गए। खेतों में जिन किसानों खेत में खुले में आलू व सरसों पड़ी थी। वह उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए इंतजाम करने लगे। कुछ किसानों ने बारिश की अंदेशा में जरूरत से ज्यादा मजदूर लगा लिए। इससे उनकी फसल बच सके। इसके लिए उन्हें ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ गए। आसमान में छाए घने बादलों को देखकर लग रहा था कि यह बारिश नहीं थमेगी। इससे किसानों की धड़कनें तेज हो गई। अधिकतम पारा 25 व न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस पर जाकर ठहर गया।
शुक्रवार को चौधरियापुर, सलेमपुर ताराबांगर, चांदापुर समेत कई क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ ओले पड़े। कुछ ही देर के ओले में सबसे अधिक नुकसान आलू व सरसों की फसल को पहुंचाया। खुदने को पड़े आलू ओले पड़ने से फट गए। वहीं, सरसों का दाना खेतों में झड़ गया। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ।
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