राजकीय मेडिकल कालेज के मेडिसिन वार्ड में भर्ती एक मरीज की रविवार की सुबह उपचार के दौरान मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने स्टाफ नर्स और डाक्टर पर लापरवाही व गलत इंजेक्शन का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। बेड, आक्सीजन सिलेंडर व फर्नीचर में तोड़फोड़ की। कोतवाली पुलिस व सीएमएम ने परिजनों को शांत कराया। शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
फर्रुखाबाद जिले के शमशाबाद कस्बे के मूल निवासी राजेश कुमार पाल (45) पुत्र बालकराम की ससुराल कन्नौज कोतवाली के शरीफापुर गांव में रामप्रसाद पाल के घर में है। रामप्रसाद के यहां विवाह समारोह था। उसमें शामिल होने के लिए राजेश पाल अपने परिवार समेत शरीफापुर गांव आया था। शनिवार की दोपहर 12 बजे के करीब राजेश के सीने में कुछ दर्द हुआ। इस पर वह मेडिकल कालेज के ओपीडी पहुंचा। यहां डॉ. इकबाल ने उसे भर्ती होने की सलाह दी। दोपहर दो बजे उसे मेडिसिन पुरुष वार्ड में भर्ती किया गया।
बताते हैं कि शाम छह बजे उसकी हालत में सुधार होने पर वह बिना सूचना दिए अपने घर लौट गया। रविवार की सुबह छह बजे फिर उसकी हालत बिगड़ी, तो वह फिर से मेडिसिन वार्ड में पहुंचकर अपने आवंटित बेड पर लेट गया। हालत बिगड़ने पर वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स ने उसे दवा व इंजेक्शन दिया। उपचार के दौरान सुबह सात बजकर 30 मिनट पर उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
हार्ट अटैक से हुई राजेश की मौत
तिर्वा। राजकीय मेडिकल कालेज के सीएमएम डॉ. दिलीप सिंह का कहना है कि इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई। न ही कोई गलत इंजेक्शन दिया गया। शनिवार की रात 10 बजे मेडिसिन मेल वार्ड में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. कीर्ति ने जब विजिट किया, तो मरीज राजेश अपने बेड से गायब था। आस-पास के मरीजों से पूछने पर पता चला कि हालत सुधार जाने के बाद वह बिना सूचना दिए चला गया। इस पर डा. कीर्ति ने उसके गायब होने की रिपोर्ट भी मरीज की बीएचटी फाइल पर दर्ज की। मरीज डायबिटीज, ब्लड प्रेशर व हृदय रोग से पीड़ित था। डाक्टर ने जो इंजेक्शन व दवाइयां लिखी थी, वही मरीज को दी गई। हार्ट अटैक से मरीज की मौत हुई। परिजनों द्वारा लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं।
गलत इंजेक्शन लगने से हुई राजेश की मौत
तिर्वा। राजेश की मौत की सूचना पाकर शरीफापुर गांव से कई ग्रामीण व परिजन मौके पर पहुंच गए। मृतक के पुत्र अमनपाल व पुत्री अर्चना रिश्तेदार रामप्रसाद का आरोप था कि मेडिसिन वार्ड में तैनात डाक्टर व स्टाफ नर्स ने उपचार में लापरवाही बरती। रात में डाक्टर व नर्स वार्ड में न होने के कारण राजेश घर चला गया था। रविवार की सुबह वह खुद अपने चार पहिया वाहन को चलाकर मेडिकल कालेज पहुंचा था। गलत इंजेक्शन देने के कारण की उसकी मौत हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी कानूनी कार्रवाई
तिर्वा। हंगामे व तोड़फोड़ की जानकारी मिलते ही तिर्वा कोतवाल आलोक कुमार यादव, तहसीलदार ऋषिकांत राजवंशी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। सूचना पाकर भाजपा नेता वीर सिंह भदौरिया व अन्य नेता भी मौके पर पहुंचे। किसी तरह से पुलिस ने गुस्साए परिजनों को शांत कराकर शव का पंचनामा भरा। पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। तिर्वा कोतवाल ने बताया कि मामले में मृतक के रिश्तेदार रामप्रसाद ने डॉक्टर के खिलाफ पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हंगामा व तोड़फोड़ को देख भाग गया मेडिकल स्टाफ
तिर्वा। आक्रोशित मरीज के परिजनों द्वारा मेडिसिन वार्ड में की गई तोड़फोड़ व हंगामे से भयभीत ड्यूटी पर तैनात अधिकतर डाक्टर व स्टाफ नदारद हो गए। पुलिस ने वार्ड में जाकर मामले की छानबीन की। इस हंगामे के चलते रविवार की दोपहर दो बजे भी मेडिसिन पुरुष वार्ड का ड्यूटी काउंटर खाली पड़ा था। न तो डाक्टर और न ही स्टाफ नर्स काउंटर पर मौजूद थे। इस मामलं में सीएमएस डा. दिलीप सिंह का कहना है कि दोपहर दो बजे ड्यूटी में फेरबदल होता है। इस वजह से कुछ देर के लिए काउंटर खाली हो गया होगा।