जिलाधिकारी से वार्ता करते अधिवक्ता।
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चकबंदी अधिकारियों को सदर तहसील का हाल खाली कराकर बैठाने की मांग न माने जाने से नाराज लायर्स बार एसोसिएशन ने बुधवार को कलक्ट्रेट में जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। डीएम को प्रस्ताव की प्रति सौंपी। इस दौरान 18 से 22 जुलाई तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया।
सदर तहसील क्षेत्र के कई गांव में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। अपनी समस्याओं के समाधान के लिए किसान जिला मुख्यालय से लेकर चकबंदी अधिकारियों तक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
लायर्स बार एसोसिएशन कन्नौज के अधिवक्ताओं ने अध्यक्ष नाजिम अख्तर की अध्यक्षता में बैठक की थी। सदर तहसील परिसर में चकबंदी अधिकारियों को बैठाने का पत्र तैयार कर डीएम को सौंपा, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से प्रस्ताव पर कोई विचार नहीं किया गया। इससे नाराज अधिवक्ता बुधवार को नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे यहां उन्होंने एडीएम मुर्दाबाद व जिला प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिया। नारेबाजी देख जिलाधिकारी ने तत्काल अधिवक्ताओं को वार्ता के लिए अंदर बुलाया।
यहां हुई वार्ता में समस्या का हल न निकलने पर अधिवक्ता नाराज हो गए। जिलाधिकारी कार्यालय के अंदर ही वे नारेबाजी करने लगे। कार्यालय से बाहर निकल कर अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन व अपर जिलाधिकारी के खिलाफ नारे लगाए। निर्णय लिया गया कि निर्धारित तारीख तक समस्या का निस्तारण न हुआ तो आगे की रणनीति तय की जाएगी। तब तक अधिवक्ता न्यायिक कार्य नहीं करेंगे। इस मौके पर अधिवक्ता अजय यादव, राम बाबू राठौर, योगेंद्र कटियार, बदर आलम खां, विकास कटियार, शिवमदुबे, कांशीराम कुशवाह, शरद मिश्रा, हीरा लाल सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।