छिबरामऊ(कन्नौज)। मायके में आयोजित तेरहवी संस्कार में शामिल होने आई महिला का पैर फिसल गया। महिला की गोद में मौजूद बच्चा खौलती कड़ाही में जा गिरा। बच्चे को बचाने के प्रयास में महिला ने अपने दोनों हाथ कड़ाही में डाल दिए। गंभीर हालत में मां बेटे को सौ शैय्या अस्पताल में भर्ती कराया। ब च्चे को सैफई मेडिकल रेफर कर दिया, जहां उसकी मौत हो गई।
नगर के मोहल्ला कटरा निवासी रमेश हलवाई के भाई बनारसी हलवाई का निधन कुछ दिन पहले हो गया था। बुधवार को उनका तेरहवीं संस्कार था। अपने ताऊ के तेरहवीं संस्कार में शामिल होने के लिए रमेश की पुत्री अनीता (40) पत्नी दिनेश निवासी बदायूं अपने मायके आई थी। ताऊ के घर जाने से पहले वह अपने घर पहुंची। आवभगत के बाद वह जैसे ही ताऊ के घर के लिए निकली, उसका पैर फिसल गया। अनीता के हाथों में उसका पुत्र बउआ (3 माह) था। शरीर को नियंत्रण में न रख पाने के कारण बउआ उसके हाथों से छिटक कर पास में ही बन रही गुड़ की चटनी की कड़ाही में जा गिरा। खौलते कड़ाही में बच्चे के गिरते ही अनीता ने अपने दोनों हाथ उसमें डाल दिए। लेकिन तब तक बउआ बुरी तरह से झुलस चुका था। इसके साथ ही अनीता के दोनों हाथ भी झुलस गए। परिजनों ने आननफानन में अनीता को सौ शैय्या अस्पताल में भर्ती कराया, जबकि बच्चे को निजी चिकित्सक के यहां ले गए, जहां हालत गंभीर होने पर उसे सैफई मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया। सैफई पहुंचने पर उपचार के दौरान नवजात ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत की जानकारी होते ही घर में कोहराम मच गया। वहीं, झुलसी अनीता का रो -रोकर बुरा हाल था।
नवजात की मौत के बाद मां अनीता बेसुध हो गई। परिजनों ने बताया कि लगभग पंद्रह साल पहले ससुराल बदायूं में अनीता का 15 वर्षीय पुत्र की करंट की चपेट में आ गया था, जिससे उसकी गोद सूनी हो गई थी। काफी मन्नतों के बाद तीन माह पहले बउआ के रूप में उसे एक एक पुत्र हुआ। पुत्र के जन्म के बाद उसका गम कुछ कम हुआ और वह पहले पुत्र को भुलकर बउआ के पालन पोषण में जुट गई थी। लेकिन आज फिर उसकी गोद सूनी हो गई।