कन्नौज। भीषण ठंड और कोहरे ने वाहनों की रफ्तार कम कर दी है। आगे दृश्यता शून्य होने पर हादसे भी होंंगे। हादसे पर विराम लगाने के लिए प्रशासन ने ब्लैक स्पॉट तो चिह्नित किए हैं पर वहां हादसे भी हो रहे हैं। इसके अलावा भी ऐसे कई स्पाॅट हैं जहां पर लगातार हादसे हो रहे हैं। इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी और पुलिस महकमा इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। अगर इन स्थानों को ब्लैक स्पॉट घोषित कर हादसों से निपटने के इंतजाम किए जाएं तो निश्चित रूप से मौतों का आंकड़ा कम हो सकता है। पिछले दो साल में हादसों का आंकड़ा देखा जाए तो इजाफा हुआ है जबकि हर साल नवंबर में यातायात माह का आयोजन किया जाता है। आइए आपको बताते हैं कि जिले में ब्लैक स्पॉट बनाने की कहां जरूरत है, जो प्रशासन की सूची में नहीं हैं
फोटो :35: अलीगढ़-कानपुर हाईवे पर अकबरपुर गांव में अंधा मोड़। संवाद
अलीगढ़-कानपुर हाईवे पर अकबरपुर गांव में अंधा मोड़
अलीगढ़-कानपुर हाईवे पर छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र में अकबरपुर गांव में एक अंधा मोड़ है। प्रशासन की सूची में इसे ब्लैक स्पॉट नहीं घोषित किया गया है। इस स्थान पर इस साल 10 हादसे हुए जिनमें पांच की मौत हुईं है। इसी गांव में ऐतिहासिक तालाब के पास भी हादसे लगातार हो रहे हैं। यहां कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगा है। गांव में इस तरफ से दूसरी ओर जाने के लिए फुटओवर ब्रिज भी नहीं बना है।
फोटो :36: सौरिख-छिबरामऊ रोड पर भगवंतपुर गांव में रोड किनारे खड़ा पीपल। संवाद
सौरिख-छिबरामऊ रोड पर भगवंतपुर गांव में बना चबूतरा
छिबरामऊ क्षेत्र में ही सौरिख-छिबरामऊ रोड पर भगवंतपुर गांव के सामने रोड के किनारे एक पुराना पीपल का वृक्ष है। इसके आसपास चबूतरा भी बना है। सड़क निर्माण के दौरान वहां पर डिवाइडर भी नहीं बना है। ऐसे में वहां कई बार हादसे हो चुके हैं। इस साल आठ हादसे हुए जिनमें चार की मौत हो चुकीं हैं। यहां कोई चेतावनी बोर्ड और रात में दिखने के लिए रेडियम साइन बोर्ड भी नहीं बना है। इसे भी ब्लैक स्पॉट नहीं बनाया गया।
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फोटो :37: सौरिख-तिर्वा रोड पर डडुअन नगला के पास बनी पुलिया। संवाद
हादसों की पुलिया निगल चुकी कई जिंदगियां
सौरिख-तिर्वा रोड पर किसई जगदीशपुर गांव के निकट डडुअन नगला में एक खतरनाक पुलिया है। लोग इसे हादसों की पुलिया कहते हैं। यह कई लागों की जिंदगी छीन चुकी है। पिछले तीन सालों में यहां 13 लोगों की मौत हो चुकीं हैं। अक्सर यहां पर हादसे होते रहते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि पुलिया संकरी होने के कारण हादसे हो रहे हैं। कई बार प्रशासन से शिकायत की मगर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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फोटो :38: नादेमऊ-इंदरगढ़ मार्ग पर मढ़पुरा गांव के पास मोड़। संवाद
मढ़पुरा मोड़ पर संभल कर जाना, नहीं तो...
नादेमऊ-इंदरगढ़ मार्ग पर मढ़पुरा गांव के पास एक खतरनाक मोड़ हैं जहां कई हादसे हो चुके हैं। आसपास के लोग बताते हैं कि जब कोई अपना निकलता है तो उससे यहीं कहा जाता है कि मढ़पुरा के मोड़ पर संभलकर निकलना। ग्रामीणों ने बताया कि एक साल में 15 हादसे इसी जगह पर हुए जिनमें आठ लोगों की जान जा चुकी है। पीडब्ल्यूडी ने यहां कोई चेताावनी बोर्ड भी नहीं लगाया।
फोटो :39: तालग्राम-तेराजाकेट मार्ग पर बिरौली गांव के पास खतरनाक पुलिया। संवाद
बिरौली की पुलिया पर सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी
तालग्राम-तेराजाकेट मार्ग पर बिरौली गांव के पास एक खतरनाक पुलिया है जहां एक साल में 25 हादसे हुए। इन हादसों में छह लोगों की जान भी गई। ट्रक और डंपर पलटना तो आम बात है। सहालग के समय तो बरातियों से भरी बोलेरो पलट गई थी, जिसमें करीब छह लोग घायल हुए थे। हर साल हादसे हो रहे हैं। इसके बाद भी इसे ब्लैक स्पॉट नहीं बनाया गया।
वर्जन
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक बुलाकर नए ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर उनमें सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे। जल्द ही बैठक कर इस बारे में रणनीति बनाई जाएगी। पुलिस से भी नए ब्लैक स्पॉट चिह्नित करने के लिए कहा जाएगा।
-आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, जिलाधिकारी