कन्नौज। बैंकों में आठ मार्च से अब तक की दूसरी बड़ी बंदी होने जा रही है। 12 मांगों पर सरकार से सहमति न बनने के बाद यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की ओर से 11 से 13 मार्च तक बैंकों में हड़ताल की घोषणा की गई है। इससे पहले होली और फिर दूसरे शनिवार व रविवार के अवकाश को जोड़ लें तो कुल आठ दिन की बंदी बड़ी समस्या खड़ी करने जा रही है। अगर घर में वैवाहिक कार्यक्रम या फिर कुछ और काम होने जा रहे हैं तो समय रहते बैंक के काम निपटा लें। व्यापारी भी आठ मार्च से पहले बैंक से जुड़े कामों को निपटा लें तो बेहतर होगा।
वर्ष 2020 में यह बैंकों की दूसरी बड़ी हड़ताल होगी। इससे पहले बैंक यूनियंस की ओर से 31 जनवरी और एक फरवरी को दो दिन लगातार हड़ताल की गई थी। दो फरवरी को रविवार होने के कारण अवकाश था। इससे तीन दिन लगातार बैंक बंद रही थीं। वर्ष 2019 की बात करें तो दिवाली में लगातार चार दिन बैंक बंद रही थीं। आठ मार्च से 15 मार्च तक की बंदी 2002 के बाद दूसरी सबसे बड़ी बैंक बंदी होगी। 2002 में मांगों को लेकर बैंक लगातार आठ दिन बंद रही थीं। हड़ताल में चार आफीसर्स और पांच क्लर्कल समेत सभी नौ यूनियन सम्मिलित होंगी। 11 मार्च से होने वाली हड़ताल के बाद भी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा है। हालांकि बैंक यूनियंस की पांच मार्च को शासन स्तर पर वार्ता भी होनी है। इसमें सहमति की संभावना कम ही जताई गई है।
बैंक कर्मचारियों की ये हैं मांगें
1- पर्याप्त लोडिंग के साथ वेतन पर्ची घटकों पर 20 फीसदी वृद्धि पर वेतन पुनरीक्षण समझौता हो।
2- पांच दिवसीय बैंकिंग की व्यवस्था की जाए।
3- मूल वेतन के साथ विशेष भत्ता का विलय।
4- नई पेंशन योजना (एनपीएस) को समाप्त किया जाए।
5- पेंशन का अद्यतनीकरण किया जाए।
6- पारिवारिक पेंशन में सुधार हो।
7- परिचालन लाभ के आधार पर कर्मचारी कल्याण कोष का आवंटन हो।
8- बिना सीमा के सेवानिवृत्ति लाभों पर आयकर छूट मिले।
9- शाखाओं में कारोबार के समय व भोजनावकाश आदि का एक समान निर्धारण।
10- अवकाश बैंक की शुरुआत की मांग भी है।
11- अधिकारियों के लिए काम के निश्चित घंटे तय हाें।
12- ठेका कर्मचारियों/बिजनेस करेस्पांडेंट्स के लिए समान काम के लिए समान वेतन लागू हो।
इन दिनों में रहेगा अवकाश और हड़ताल
आठ मार्च: रविवार।
नौ और 10 मार्च: होली का अवकाश।
11 से 13 मार्च: हड़ताल।
14 मार्च: माह का दूसरा शनिवार।
15 मार्च: रविवार।
40 से 50 करोड़ का बैंक कारोबार होगा प्रभावित
आठ दिन लगातार बैंकों के बंद होने से 40 से 50 करोड़ रुपये का बैंक कारोबार प्रभावित होने की उम्मीद है। जिले में सबसे ज्यादा 44 शाखाएं ग्रामीण बैंक की हैं। इसके बाद बैंक ऑफ इंडिया की 15, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की 12, पंजाब नेशनल बैंक की 10, बैंक ऑफ बड़ौदा की पांच, कोऑपरेटिव बैंक की नौ के अलावा अन्य बैंकों के सहित कुल 132 शाखाएं हैं। विभिन्न बैंकों के 90 एटीएम हैं। इनकी क्षमता करीब चार करोड़ रुपये है। इन्हें पूरी क्षमता से न भरे जाने से यह दो दिन भी ग्राहकों को कैश उपलब्ध नहीं करा पाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि जरूरत भर नगदी की व्यवस्था अपने पास बनाए रखें। इससे कि एटीएम के भरोसे न रहना पड़े।