तिर्वा(कन्नौज)। आर्यावर्त ग्रामीण बैंक की फगुआ भट्ठा ब्रांच से फर्जी दस्तावेजों के सहारे 1.46 करोड़ का लोन बांट दिया गया। वर्ष 2016 से 2018 के मध्य हुए इस खेल की शिकायत बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में की गई तो जांच शुरू हुई। इसमें गबन होने की पुष्टि हुई। बैंक प्रबंधक ने पूर्व प्रबंधक के खिलाफ तिर्वा कोतवाली में कूटरचित दस्तावेजों की मदद से धोखाधड़ी करने का मुकदमा दर्ज कराया है।
तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के फगुआ भट्टा गांव स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक बादाम सिंह पाल पुत्र जागेश्वर प्रसाद ने पुलिस को जानकारी दी है कि बैंक शाखा में पूर्व में तैनात शाखा प्रबंधक प्रवीण कुमार शर्मा ने 30 अगस्त 2016 से सात जून 2018 के दौरान फर्जी व कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर 42 लोगों का अनुचित तरीके से ऋण स्वीकृत कर अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया। शाखा प्रबंधक ने जिस व्यक्ति का नाम खतौनी में नहीं था, उसके नाम की खतौनी तैयार करा दी। कई लोग ऐसे भी थे, जिनका खतौनी में रकबा कम होने पर अधिक दर्ज कराकर ऋण दे दिया गया। इसके साथ ही जिस खतौनी में जमीन दूसरे बैंक में बंधक दर्ज थी, उनकी फर्जी खतौनी तैयार कर ऋण दे दिया। शाखा प्रबंधक की इस करतूत की शिकायत जब कुछ लोगों ने उच्चधिकारियों से की तो क्षेत्रीय कार्यालय ने बैंक में हुए ऋण वितरण की जांच कराई। जांच में पूर्व शाखा प्रबंधक द्वारा 42 व्यक्तियों के फर्जी कागजात तैयार करवाकर एक करोड़ 46 लाख 64 हजार रुपये की धन हानि सामने आई।
तिर्वा कोतवाली प्रभारी टीपी वर्मा ने बताया कि आर्यावर्त ग्रामीण बैंक की फगुआ भट्ठा शाखा के प्रबंधक बादाम सिंह की तहरीर पर पूर्व शाखा प्रबंधक प्रवीण कुमार शर्मा पर धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।