कन्नौज। रात में आई आंधी और पानी से शहर समेत तकरीबन सौ गांवों की बिजली गुल हो गई। यह रात भर ठप रही। अंडरग्राउंड केबल में आए फाल्ट से यह दिक्कत हुई। सुबह कर्मचारियों ने फाल्ट खोज कर ठीक किया। सुबह दस बजे बिजली आई। इससे सरायमीरा को पूरी रात बिजली न मिलने से लोग परेशान रहे। यही हाल ग्रामीण इलाकों का रहा। फोन करने पर न तो लाइनमैन ने फोन उठाया, न ही अधिकारियों ने। बिजली ठप रहने से लोगों को सुबह पानी की दिक्कत रही।
शहर में अंडरग्राउंड केबल होने के बाद भी आंधी-पानी से बिजली व्यवस्था चरमरा जाती है। गुरुवार की रात आंधी-पानी से बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई। इससे सरायमीरा समेत कई मोहल्लों की बिजली गुल हो गई। लोगों ने जानकारी के लिए फोन किया। अधिकारियों, कर्मचारियों ने फोन नहीं उठाया। इससे लोगों में नाराजगी रही। पूरी रात लोगों ने बिना बिजली के सहारे गुजारी। सुबह जेई दीपक कुमार ने लाइनमैन से फाल्ट खोजने के लिए कहा। मंडी समिति के निकट मुख्य लाइन मेें फाल्ट मिला। इसे ठीक कराया गया।
वहीं मानपुर विद्युत उपकेंद्र से जुडे़ गांवों के उपभोक्ता आंधी-पानी के दौरान बिजली के लिए तरसते रहे। आंधी व पानी से लाइनों में फाल्ट आ गया था। कई जगह जंफर जल गया। कुछ इंसुलेटर पंचर हो गए। सुबह होने पर लाइनमैन ने फाल्ट ठीक कर आपूर्ति बहाल की।
हवा चलते ही काट दी जाती बिजली
ग्रामीण इलाकों का हाल खराब है। तेज हवा चलने पर उपकेंद्रों में बैठे एसएसओ आपूर्ति बंद कर देते हैं। आंधी-पानी शांत होने पर सप्लाई चालू करते हैं। इस बीच कहीं न कहीं पर फाल्ट आ जाता है। रात होने से कोई ठीक करने नहीं जाता।
बारिश में फाल्ट खोजना होता मुश्किल
जेई राजेश कुमार का कहना है कि बारिश में फाल्ट होने पर खोजना मुश्किल हो जाता है। रात के अंधेरे में लाइनमैन फाल्ट नहीं खोज पाते हैं। इससे पूरी रात आपूर्ति बंद रहती है। सुबह होने पर फाल्ट का पता चलता है। इसके बाद सुधार किया जाता है।
इंसुलेटर पंचर होने से बंद हुई बिजली
जेई दीपक कनौजिया का कहना है कि रात एक बजे के करीब मंडी समिति के निकट आरएमयू(रिंग मैन यूनिट ) का 11 केवी का इंसुलेटर पंचर हो गया। इससे सरायमीरा को बिजली नहीं मिली। सुबह ठीक करने के बाद सप्लाई बहाल हो सकी।