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आईएनएस केसरी में तैनात जवान पोर्ट ब्लेयर में शहीद

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हरिओम की फाइल फोटो। - फोटो : CHIBRAMAU
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छिबरामऊ (कन्नौज)। कोलकाता के पोर्ट ब्लेयर बंदरगाह से चार साथियों के साथ नौका से समुद्री सीमाओं की निगरानी के लिए रवाना हुए विशुनगढ़ के हरिओम शहीद हो गए। परिजनों को बताया गया है कि निगरानी के दौरान जवानों से भरी नौका समुद्र में पलटने से सभी सैनिक डूबने लगे। चार सैनिक किसी तरह बच गए। एक सैनिक की जान चली गई। हादसा सोमवार दोपहर करीब तीन बजे का बताया जा रहा है। घर पर हादसे की जानकारी मिलते ही कोहराम मच गया। सैनिक के भाई पार्थिव शरीर लेने कोलकाता रवाना हो गए हैं। बुधवार को विशेष विमान से पार्थिव शरीर दिल्ली और फिर विशुनगढ़ स्थित घर लाया जाएगा।
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थाना विशुनगढ़ क्षेत्र के ग्राम नगला डांडे निवासी रामबहादुर लोधी के पुत्र हरिओम लोधी (19) वर्ष 2018 में नेवी में भर्ती हुए थे। इस समय कोलकाता के पोर्ट ब्लेयर बंदरगाह पर आईएनएस केसरी पर सिग्नल विभाग में तैनाती थी। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे हरिओम चार साथियों के साथ समुद्री सीमाओं की निगरानी के लिए निकले थे। बताया गया कि समुद्र के तेज बहाव की चपेट में आकर नौका पलट गई। इससे पांचों जवान समुद्र में डूबने लगे। चार सैनिकों को साथ चल रहे बचाव दल ने सकुशल बाहर निकाल लिया। हरिओम की डूबने से मौत हो गई। सैनिक के शहीद होने का समाचार परिजनों को मिला तो कोहराम मच गया। हरिओम के भाई मूलचंद्र लोधी पार्थिव शरीर लेने कोलकाता के लिए रवाना हो गए हैं।
कोलकाता पहुंचने के बाद मूलचंद्र ने बताया कि मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शरीर सौंप दिया गया है। बुधवार सुबह करीब पांच बजे नौसेना के सिपाहियों के साथ पार्थिव शरीर को इंडियन एअर लाइंस की फ्लाइट से दिल्ली लाया जाएगा। यहां से पार्थिव शरीर सेना के वाहन से गांव पहुंचेगा।
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नौ भाई बहनों में सबसे छोटे थे हरिओम
हरिओम नौ भाई बहनों में सबसे छोटे थे। भाई हरिश्चंद्र, मूलचंद्र, राजू, फूलचंद्र, बहन बसंती, भागवती, रूपकली व शशि हैं। हरिओम की बहन रूपकली उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में कार्यरत हैं। हरिओम के पिता रामबहादुर उर्फ दामोदर गांव में खेतीबाड़ी के साथ-साथ विशुनगढ़ में किराने की दुकान किए हैं।
शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए लगा तांता
हरिओम लोधी के शहीद होने की जानकारी पर गांव सहित आसपास के लोग आवास पर जुटने लगे। हरिओम की मां व बहनों की चीख पुकार से ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। गांव के रामबख्श लोधी, सुधीर दुबे, प्रधान प्रतिनिधि अखिलेश राजपूत, ओमप्रकाश चक, सर्वेश राठौर, सुरेश चंद्र उर्फ बिद्दी बाथम सहित कई लोगों ने शोक संतृप्त परिजनों को ढांढस बंधाया।
प्रशासन को नहीं मिली सूचना
कोलकाता के पोर्ट ब्लेयर बंदरगाह पर सैनिक के शहीद होने की सूचना अभी तक प्रशासन को नहीं हुई है। इस संबंध में एसडीएम गौरव शुक्ला ने बताया कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं है। सेना से सूचना भेजी जाएगी तो पूरा प्रशासन सैनिक की शहादत में शामिल होगा। राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि करवाई जाएगी।
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