कन्नौज। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के बाद मतदाता सूची में अनुपस्थित, शिफ्टेड या मृत (एएसडी) के रूप में दर्ज नामों को फिर से शामिल करने के लिए चुनाव आयोग ने एक विशेष अभियान रोल बैक शुरू किया है। यह अभियान रविवार से जिले के 1522 मतदान बूथों पर चलेगा। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।
जिला निर्वाचन अधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने बताया कि मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान, सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के साथ-साथ राजनीतिक दलों के बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) भी उपस्थित रहेंगे। वे मतदाताओं को सूची में नाम जुड़वाने, हटाने या संशोधन कराने में सहायता करेंगे। बीएसए, डीआईओएस और जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुबह 10 बजे तक अपने अधीन स्कूलों, पंचायत भवनों और आंगनबाड़ी केंद्रों को खोलें। स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी 32 आशा वर्कर, जो बीएलओ के रूप में कार्यरत हैं, उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया है। इसके अतिरिक्त, सभी अधिशासी अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे मतदान स्थलों पर साफ-सफाई और मतदाताओं के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था करें।
दावे-आपत्तियां दर्ज करने की प्रक्रिया
एडीएम देवेंद्र सिंह ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान, मतदान स्थलों पर मतदाता सूची पढ़ी जाएगी। इसमें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृतक या डुप्लीकेट के रूप में चिह्नित मतदाताओं की सूची भी शामिल होगी। मतदाताओं को प्रारूप 6, 7 और 8 के माध्यम से अपने नाम जुड़वाने, हटाने या संशोधन कराने के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। सभी बीएलओ को 50-50 प्रपत्र उपलब्ध कराए गए हैं और यह सुनिश्चित किया गया है कि मतदान केंद्रों पर इन प्रपत्रों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। मतदाता को अपनी समस्या के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 1950 या लैंडलाइन नंबर 05694-236467 पर संपर्क करने की सुविधा भी दी गई है।
सपा की आपत्ति पर प्रशासन का स्पष्टीकरण
समाजवादी पार्टी की एक शिकायत के संबंध में, जिसमें मोहल्ला पठकाना में भोलानाथ धर्मशाला में बने बूथ पर आपत्ति जताई गई थी। प्रशासन ने जांच के बाद स्पष्ट किया है कि बूथ और मंदिर के लिए अलग-अलग रास्ते हैं। यह बूथ वर्ष 2017 में बनाया गया था और यहां वोट डालने में मतदाता को असुविधा नहीं होगी। जांच में पाया गया कि चुनाव आयोग के नियमानुसार कोई उल्लंघन नहीं हुआ है।