कन्नौज। जिला कारागार से फरार हुए दोनों बंदियों का पुलिस अब तक पता नहीं लगा सकी है। एसपी ने फरार बंदी अंकित व शिवा उर्फ डिंपी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस की पांच टीमें दोनों की तलाश में जुटीं हैं तो परिवार व रिश्तेदारों से भी पूछताछ की गई है। सभी ने पल्ला झाड़ लिया है। एसपी ने बताया कि आसपास के जिलों समेत जीआरपी व आरपीएफ को भी सूचना भेज दी गई है।
जिला कारागार अनौगी से दो बंदी तालग्राम थाना क्षेत्र के ग्राम हजिरापुर निवासी अंकित कुमार व ठठिया थाना क्षेत्र के ग्राम मलगवां निवासी शिवा उर्फ डिंपी 22 फीट ऊंची दीवार फांद कर कंबलों की रस्सी के सहारे भाग गए थे। एसपी ने दोनों की तलाश में पांच टीमों को लगाया है, जिसमें ठठिया थानाध्यक्ष देवेश कुमार, तालग्राम थानाध्यक्ष विनय शर्मा, गुरसहायगंज कोतवाल अजय अवस्थी, एसओजी प्रभारी जयप्रकाश शर्मा, सर्विलांस प्रभारी त्रदीप सिंह दोनों की तलाश में जुटे हैं। गुरुवार को एसपी विनोद कुमार ने दोनों फरार बंदियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। एसपी ने बताया कि आसपास के जिलों में भी सूचना दी गई है और वाहन चेकिंग के दौरान भी तलाश की जा रही है। कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर दोनों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
महिला ने लगाया जेल प्रशासन पर अवैध वसूली का आरोप
जलालाबाद। जिला कारागार एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। हाल ही में, जेल में अवैध धन उगाही का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक महिला जेल कर्मियों पर नए कैदियों से मनमानी वसूली का आरोप लगा रही है। इसके साथ ही, कुछ समय पहले जेल से कैदियों के फरार होने की घटना ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर और भी गहरा सवाल खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक 27 सेकंड के वीडियो में, एक महिला जेल मुलाकात के बाद बाहर आकर अपनी आपबीती सुना रही है। वह भावुक होकर बताती है कि उसके बेटे को जेल में बंद किया गया है और उससे पांच से दस हजार रुपये तक की मशक्कत (की मांग की जा रही है। महिला का कहना है कि वे गरीब लोग हैं और इतनी बड़ी रकम जुटाना उनके लिए बेहद मुश्किल है। वीडियो में अन्य मुलाकाती भी जेल प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती है। परिजनों का आरोप है कि विशेषकर नए बंदियों से मुलाकात, सुविधा और अन्य कार्यों के नाम पर अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं। जो बंदी पैसा नहीं दे पाते, उन्हें जेल के अंदर भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। महिला ने साफ तौर पर कहा है कि जेल के अंदर बहुत लूट हो रही है। गुरुवार को मुलाकात के लिए पहुंचे कई लोगों ने एक सुर में इस बात की पुष्टि की कि हर व्यक्ति इतनी बड़ी रकम देने में सक्षम नहीं है।
जिला कारागार में सुरक्षा को बढ़ाए गए होमगार्ड
रविवार की रात जिला जेल से दो कैदी, अंकित व डिंपी उर्फ शिवा पुत्र चमनलाल, फरार हो गए थे। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए थे। कैदियों के फरार होने के बाद, जिलाधिकारी ने होमगार्डों की तैनाती बढ़ाने का आदेश दिया था। गुरुवार को जेल की सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए 19 नए होमगार्ड जवानों को भेजा गया, जिससे जेल में तैनात होमगार्डों की कुल संख्या 25 हो गई। इन नए होमगार्डों को जेल के टावरों, मुख्य दीवार और निर्जन इलाकों में तैनात किया गया है।
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जिला जेल में 660 बंदियों को रखने की क्षमता
जलालाबाद। जिला जेल की क्षमता 660 बंदियों व कैदियों की है। नियमानुसार, बंदियों की सुरक्षा के लिए 110 बंदी रक्षकों, चार डिप्टी जेलरों और एक जेलर की तैनाती होनी चाहिए। हालांकि, वर्तमान में केवल 36 बंदी रक्षक ही तैनात हैं। चार डिप्टी जेलरों में से एक निलंबित होने के कारण तीन डिप्टी जेलर कार्यरत हैं। हाल ही में एक जेलर की तैनाती की गई है। जेल अधीक्षक भीमसेन मुकंद का कहना है कि बाकी बंदी रक्षकों की तैनाती के लिए उन्होंने कई बार जेल के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
मेरठ से आए जेलर अवनीश ने संभाली जेल की कमान
जेल से फरार कैदियों के मामले में जेलर विनय प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। उनकी जगह पर जिला जेल मेरठ से आए जेलर अवनीश सिंह ने गुरुवार को कार्यभार संभाला। कैदियों के फरार होने की जानकारी मिलने पर, जेलर विनय प्रताप सिंह, डिप्टी जेलर बद्री प्रसाद को कारागार मुख्यालय लखनऊ से निलंबित कर दिया गया था। वहीं, जेल वार्डर शिवेंद्र सिंह यादव, अतुल मिश्रा और नवीन कुमार को वरिष्ठ जेल अधीक्षक के स्तर से निलंबित किया गया था। निलंबित जेल कर्मियों की गोपनीय जांच चल रही है। सूत्रों के अनुसार, अभी और जेल कर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई हो सकती है।
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नवाब सिंह और नीलू की ब्रिगेड कर रही काम : जेल अधीक्षक जलालाबाद। जेल में मशक्कत के नाम पर हो रही धन उगाही का वीडियो वायरल होने के बाद, जेल अधीक्षक भीमसेन मुकंद ने आरोप लगाया है कि उन्हें जेल से हटाने के लिए नवाब सिंह यादव और उनके भाई वीरपाल उर्फ नीलू यादव की बिग्रेड लगी हुई है। उन्होंने कहा कि नवाब और नीलू के समर्थक नई-नई साजिशें रच रहे हैं क्योंकि उन्होंने नवाब व नीलू को जेल में वापस नहीं लिया। गौरतलब है कि मार्च 2025 में नवाब प्रकरण को लेकर जिला जेल सुर्खियों में रहा था। उस समय अलग-अलग बंदियों के नाम से रोजाना पचासों लोग मुलाकात के लिए नवाब के पास पहुंचते थे। इसी दौरान, नवाब के समर्थकों ने मुलाकात को लेकर एक अधिवक्ता से मारपीट भी की थी। मामला तूल पकड़ने पर नवाब सिंह यादव और उनके भाई नीलू यादव की जेल बदल दी गई थी।