आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर धू-धूकर जलती बस।
- फोटो : अमर उजाला
सौरिख (कन्नौज)। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर जनपद श्रावस्ती से राजकोट (गुजरात) जा रही प्राइवेट बस रात करीब 1 बजे ग्राम नगला खेमकरन के सामने डिवाइडर से टकराकर शोला बन गई। बस में आग लगते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग जान बचाने के लिए शीशे तोड़कर बाहर कूद गए। हादसे में लगभग 42 यात्री चुटहिल हुए हैं। बस में 100 से अधिक लोग सवार थे। मौके पर पहुंची पुलिस और एनसीसी की टीम ने ग्रामीणों के साथ घायलों को बाहर निकाला। पूरी बस एक्सप्रेस-वे पर ही धू-धूकर जल गई। बस करीब ढाई साल पुरानी थी।
सौरिख थाना क्षेत्र के ग्राम नगला खेमकरन के सामने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर एक डबल-डेकर बस (संख्या- आरजे 30 सीए 2511) में रात करीब 1 बजे आग लग गई। यात्रियों के मुताबिक बस चालक के नशे में होने के कारण बस पहले डिवाइडर से टकराई। इससे निकली चिंगारी से उसके डीजल टैंक में आग लग गई। आग लगते ही बस में भगदड़ मच गई और कई यात्री बस के शीशे तोड़कर बाहर निकल गए। ऐसे में लगभग 42 यात्री चुटहिल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और एनसीसी प्लांट के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने यात्रियों को अपने यहां पनाह दी। बस में सवार लोग जनपद श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर और गोंडा जिले के थे, जो गुजरात के राजकोट जा रहे थे।
यात्रियों ने बताया कि सभी लोग गुजरात में प्राइवेट नौकरी करते थे। मामूली रूप से घायल स्थानीय चिकित्सकों से मरहम पट्टी कराकर चले गए। फिरोजाबाद से दूसरी बस बुलाकर करीब 75 यात्रियों को राजकोट के लिए रवाना किया गया। आग में यात्रियों के कपड़े, बर्तन व राशन का सामान भी खाक हो गया। हादसे के बाद बस चालक कानपुर निवासी गुड्डू तथा कंडक्टर रज्जाक निवासी शिवनगरी जयपुर (राजस्थान) भाग निकले। यह बस जगदंबा ट्रैवल्स एंड कारगो सर्विस अहमदाबाद की थी। ट्रैवल एजेंसी ने सुबह फिरोजाबाद से दूसरी बस भेजी, जिससे यात्रियों को गुजरात भेजा गया। एनसीसी प्लांट के कर्मचारियों ने क्रेन से जली बस को हटाकर एक्सप्रेस-वे की सफाई करवाई। इस दौरान नगला खेमकरन के ग्रामीणों ने बस में सवार यात्रियों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था कराई। थानाध्यक्ष रामप्रकाश पांडेय ने बताया कि चालक के झपकी आने के कारण हादसा हुआ था। सभी यात्रियों को सुरक्षित रवाना कर दिया गया है।