कन्नौज। आए दिन हो रही आगजनी की घटनाओं से प्रशासन कोई सबक नहीं ले रहा है। इसके चलते सड़कों व गलियों में आए दिन कूड़े के ढ़ेर जलते हुए देखे जा सकते हैं। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना भी फ्लाप साबित हो रही है।
मालूम हो कि शासन द्वारा 462.30 लाख की लागत से शहर में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना को लागू किया गया था। इस योजना के शुरू हुए एक डेढ़ साल बीत चुका है लेकिन नागरिकों को शहर की गलियों में लगने वाले जगह-जगह कूड़े के ढ़ेरों से निजात नहीं मिली है। मोहल्ला अजयपाल में स्थापित सालिड वेस्ट प्लांट में रोजाना 25 टन कूड़ा निस्तारण की क्षमता है। पालिका सूत्रों की माने तो शहर में रोजाना 15 से 18 टन कूड़ा निकलता है। इसके वावजूद कूड़ेदानों, गलियाें व मुख्य सड़कों के किनारे बिना देखरेख के सुलगते कूड़े के ढे़र हादसों को दावत दे रहे हैं। रविवार को भी सरायमीरा स्थित एक होटल के अलावा नवीन मंडी स्थल के निकट जीटी रोड किनारे कूड़े के ढ़ेर चलते रहे। आए दिन कूड़े के जलाए जाने से उठने वाले धुंए से तमाम सांस की बीमारियां पैदा हो सकती है। इस बारे में नगर पालिका के ईओ रविंद्र कुमार का कहना है कि सफाई व्यवस्था दुरूस्त कराने के लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही कूड़े के ढ़ेरों से नगर वासियों को निजात दिलाई जाएगी। सालिड वेस्ट प्लांट का निरीक्षण कर लापरवाही पाए जाने पर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।