कन्नौज। जिला विकलांग कल्याण अधिकारी कार्यालय की लापरवाही से 123 विकलांग पेंशन से वंचित रहेंगे। इनके बैंक खाता अभी तक सीबीएस खाते में नहीं बदल सके हैं। वहीं बजट की कमी के कारण 1286 लोगों को पेंशन के लिए कई महीने तक और इंतजार करना पड़ेगा।
प्रभारी जिला विकलांग कल्याण अधिकारी राजेश कुमार बघेल के अनुसार विकलांग पेंशन वितरण के लिए पहली किश्त मिल गई है। जिले भर में कुल 10458 विकलांग हैं। इनमें से लोहिया गांवों को सर्वोच्च वरीयता देते हुए वहां रहने वाले 148 विकलांगों के खाते में धनराशि भेजी जा चुकी है। बच हुए 9 हजार से अधिक विकलांगों के खाते में पेंशन की पहली किश्त का रुपया इसी सप्ताह पहुंच जाएगा। प्रति विकलांग को छह महीने की पेंशन के रूप में 1800 रुपये का भुगतान एक साथ मिलेगा। जो विकलांग बच गए हैं, उन्हें पेेंशन देने के लिए बजट की डिमांड शासन को भेजी जाएगी। उनका कहना है कि जिन विकलांगों के सीबीएस खाते नहीं हैं, उन्हें जंक खाता के रूप में चिह्नित कर लिया गया है। मौजूदा समय में इनके खाते में पेेंशन भुगतान पर रोक लगी है। यदि ये पेंशन धारक अपने खाते को सीबीएस एकाउंट में तब्दील करा लेते हैं तो इन्हें भी आगे चलकर पेंशन मिलेगी।
इंसेट--------------------
मनरेगा मजदूरों के खाते में पहुंचेगा पैसा
मनरेगा में काम करने वाले जिले के आठ विकास खंडों के हजारों मजदूरों का बकाया भुगतान इसी सप्ताह उनके खाते में पहुंच जाएगा। विकास भवन स्थित मनरेगा सेल कार्यालय के अनुसार बैंक परिवर्तन का कार्य पूर्ण हो गया है। अब इलाहाबाद बैंक की तरफ से शासन सीधे मजदूरों के खाते में पेमेंट भेजेगा। काम करने के बाद आनलाइन मस्टर रोल की फीडिंग होते ही मजदूर के खाते में भुगतान पहुंच जाएगा। गौरतलब है कि करीब दो महीने से बैंकिंग फेरबदल की वजह से मजदूरों का भुगतान अटका था। इस वजह से मनरेगा में काम करने से मजदूर इनकार करने लगे थे।