कन्नौज। जिले में करीब एक सैकड़ा ऐसे लोग हैं जो बीते कुछ सालों के दौरान ही रहस्यमय ढंग से मालामाल हो गए। साइकिल तक के लिए तरसने वाले पता नहीं कहां से इतना रुपया कमा लाए कि वे आजकल लक्जरी गाड़ियों में फर्राटा भरते नजर आ रहे हैं। इनकम टैक्स विभाग की नजर इन पर पड़ गई है। यदि आने वाले दिनों में छापे पड़े तो रातोंरात अमीर बनने वाले कई लोगों का पकड़ में आना तय है। इत्र के कारोबार से जुड़े भी करीब एक दर्जन लोग ऐसे हैं जो एक दशक के दौरान मजदूर से फैक्ट्री मालिक बन गए हैं। वहीं तमाम लोग ऐसे भी हैं जो राजनीति करते करते उद्योगपति बन बैठे। बगैर किसी नौकरी या कारोबार के लाखों करोड़ों के वारे-न्यारे करने वालों ने हाल ही में आलीशान मकान भी बनवाए हैं। कन्नौज जिला मुख्यालय पर भी तमाम सफेदपोशों की आय शक के दायरे में है। वहीं तमाम लोग ऐसे भी पनपे हैं जो गुरगों, रिश्तेदारों व समर्थकों के नाम पर बेनामी संपत्ति खरीदने में जुटे हैं ताकि वे आयकर के दायरे से बच सकें। मजे की बात तो यह है कि विभिन्न राजनैतिक दलों के नेता भ्रष्टाचार के मुद्दे पर तो खूब गरजते हैं लेकिन अपने ही जिले में रातोंरात अमीर बनने वाले नेताओं के खिलाफ कुछ नहीं बोलते। आपसी तालमेल से उपजा यह मौन भी कई सवाल खड़े कर रहा है। इसके बावजूद जनपद स्तर पर कार्यरत आयकर अफसरों की कार्यप्रणाली भी संदेह के दायरे से अक्सर आती रहती है। पर अधिकारी लिखापढ़ी में शिकायत न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं।