फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kannauj News: दोनों मूल्यांकन केंद्रों से 925 परीक्षक गैरहाजिर

Wed, 19 Mar 2025 11:54 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
विज्ञापन
विज्ञापन
कन्नौज। शहर के दो केंद्रों पर बुधवार को उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू हुआ। पहले ही दिन दोनों केंद्रों पर 925 परीक्षक और उप प्रधान परीक्षक अनुपस्थित रहे। परीक्षकों की अनुपस्थिति पर डीआईओएस ने नाराजगी जताई और अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रबंधक को पत्र लिखने व वेतन बाधित करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन


केके इंटर कॉलेज में 668 परीक्षकाें और उप प्रधान परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इंटर की 1,03,627 उत्तर पुस्तिकाओं को मूल्यांकन के लिए भेजा गया था। वहीं, एसबीएस इंटर कॉलेज में 1038 परीक्षकाें और उप प्रधान परीक्षकों को हाईस्कूल की 1,66,784 उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए आवंटित की गई थी। पहले ही दिन केके इंटर कॉलेज में 356 परीक्षक और उप प्रधान परीक्षक अनुपस्थित रहे। एसबीएस इंटर कॉलेज में 567 परीक्षक और उप प्रधान परीक्षक गैर हाजिर रहे।
डीआईओएस डॉ. पूरन सिंह ने दोनों मूल्यांकन केंद्रों का निरीक्षण करते हुए परीक्षकाें व उप प्रधान परीक्षकों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुपस्थित परीक्षकों पर शिक्षा अधिनियम के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए विद्यालयों के प्रबंधकों को पत्र लिखेंगे। साथ ही मूल्यांकन में अनुपस्थित रहने पर वेतन बाधित किया जाएगा।
विज्ञापन


गुगरापुर। उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन में पारदर्शिता के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद का रुख काफी सख्त है। अभिलेखों में हेराफेरी करने या फिर परीक्षक की ड्यूटी न करने पर शिक्षकों को जेल की हवा खानी पड़ेगी। ऐसे शिक्षकों पर इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद के शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव द्वारा नौ बिंदुओं की गाइडलाइन जारी की गई है। इसमें हा गया है कि जिन शिक्षकों, कर्मियों को मूल्यांकन से संबंधित कार्य का दायित्व सौंपा गया है। यदि वे किसी भी प्रकार से प्रभावित करने का प्रयास करेंगे तो उनको दो से सात वर्ष तक की सजा व जुर्माने से दंडित किया जाएगा। मूल्यांकन से संबंधित अभिलेख जैसे उत्तर पुस्तिका, सारणीयन पत्रिका अंक रजिस्टर, व्यक्तिगत अंक पत्रक, परिणाम पत्रक, उसकी प्रतिलिपि, या कोई अन्य अनुरक्षित रजिस्टर में हेरा फेरी करने या फिर प्रयास करने का दोषी पाया जाएगा तो उसे दो वर्ष तक कारावास की सजा सजा हो सकती है। इसे दस वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ ही दो से पांच लाख तक जुर्माना लगाया जा सकता है।


जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ.पूरन सिंह ने बताया कि मूल्यांकन कार्य से संबंधित सभी दिशा निर्देश शिक्षकों को अवगत करा दिए हैं। शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें