सौरिख(कन्नौज)। थाना क्षेत्र के ग्राम ईशमपुर निवासी एक दिव्यांग को अधिकारियों ने मृत दर्शाकर पेंशन बंद कर दी। अब वह खुद के जिंदा होने का प्रमाण देने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहा है।
ग्राम ईशमपुर निवासी दिव्यांग श्यामबाबू पुत्र श्रीराम अपनी मां कमला देवी के साथ रहता है। वह जन्म से ही दिव्यांग है। उसने बताया कि उसे दिव्यांग पेंशन मिल रही थी। यह पेंशन आर्यावर्त ग्रामीण बैंक खड़िनी शाखा में आती थी। ढाई साल पहले पेंशन बंद कर दी गई। वह बैंक में पहुंचा तो बताया गया कि खाता बंद हो चुका है। इसके बाद वह कन्नौज गया। वहां बताया गया कि उसे मृत घोषित कर उसकी सुविधाएं बंद कर दी गई हैं। तब से वह लगातार अपने आपको जीवित होने का प्रमाण देता घूम रहा है। कोई भी अधिकारी सुनने के लिए तैयार नहीं है। उसने बताया कि वर्ष 2010-11 में इंदिरा आवास मिला था। इसके बाद से कोई भी सुविधा नहीं मिल सकी है। ट्राईसाइकिल भी नहीं मिली। पीड़ित ने न्याय दिलाने की जिलाधिकारी से गुहार लगाई है।
दिव्यांग को मृत दिखा बंद कर दी पेंशन
- अब जिंदा होने का प्रमाण देने के लिए अफसरों के काट रहा चक्कर