गुरसहायगंज। कानपुर से आलू बेचकर किसान डीसीएम में सवार होकर घर जा रहा था। डीसीएम चालक और उसके दो साथियों ने किसान से 80 हजार रुपये लूट लिए और मारपीट कर हाईवे के किनारे फेंक दिया। पुलिस लूट की घटना को फर्जी बता रही है।
फर्रुखाबाद के कमालगंज थाना क्षेत्र के ग्राम खेरे नगला निवासी अखिलेश कुमार किसान हैं। उन्होंने बताया कि 29 मार्च को वह एक साथी के साथ कानपुर मंडी में आलू बेचने गए थे। 30 मार्च को आलू बेचने के बाद आढ़ती से 80 हजार रुपये का भुगतान लिया और बस पकड़ने के लिए रावतपुर आ गया। काफी इंतजार के बाद जब रोडवेज बस नहीं मिली तो डीसीएम पर बैठकर गुरसहायगंज के लिए निकला। साथी कानपुर में ही रुक गया। शनिवार की रात 1.30 बजे चालक ने कस्बे समधन के निकट हाईवे से उतरकर डीसीएम को नीचे खड़ा कर लिया। पूछने पर बताया कि साथी आ रहे हैं, थोड़ी देर में चल रहे।
कुछ देर में बाइक पर सवार डीसीएम चालक के दो साथी आ गए और तीनों ने मिलकर डीसीएम के अंदर मारपीट कर 80 हजार रुपये लूट लिए और सड़क के किनारे फेंक कर फरार हो गए। यूपी 112 पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और टोल प्लाजा पर डीसीएम की जानकारी करने की बात कहकर चली गई। काफी देर तक पुलिस के न आने पर किसान ने समधन पुलिस चौकी प्रभारी राजेश प्रताप को घटना की तहरीर दी। कोतवाल जेपी शर्मा ने बताया कि किसान नशे में था। पूरे मामले की जांच की गई। ऐसा लग रहा है कि किसान ने नशे में कहीं रुपये गिरा दिए और डीसीएम चालक पर लूट का आरोप लगा दिया।