सकरवारा बगुलिहाई के मंदिर में अग्नि को साक्षी मानकर फेरे लेते युगल।
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तालग्राम(कन्नौज)। शादी में बाधा बने लॉकडाउन में सात फेरे लेने के लिए युवती अकेले घर से निकल पड़ी। 80 किलोमीटर पैदल सफर कर वह मंगेतर के घर पहुंची। मंदिर में शादी रचाई गई। पैदल चलने से युवती के पैरों में छाले पड़ गए।
थाना तालग्राम के बैसापुर निवासी वीरेंद्र कुमार राठौर पुत्र रघुवीर का कानपुर देहात के मंगलपुर थानाक्षेत्र के लक्ष्मनपुर तिलक में रहने वाले मामा गोरेलाल की 20 वर्षीय बेटी गोल्डी से प्रेम-प्रसंग चलता था। जानकारी होने पर दोनों परिवारों ने चार मई को शादी तय कर दी। दोनों की फोन पर बात होती थी। लॉकडाउन के चलते शादी न होने से गोल्डी और वीरेंद्र उदास हो गए। बुधवार सुबह करीब तीन बजे गोल्डी गांव से अकेले मंगेतर के पास पहुंचने के लिए निकल आईं। 80 किलोमीटर पैदल चलकर बैसापुर गांव पहुंचीं। वीरेंद्र के परिजनों की सहमति से सकरवारा बगुलिहाई के प्राचीन मंदिर में ब्याह रचाया गया।
सामाजिक दूरी का पालन करते हुए पंडित कमलेश मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रस्में पूरी कर्राइं। समाजसेवी गौरव पटेल ने दोनों को आशीर्वाद दिया।