जलालाबाद। गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया किसानों के विरोध के बाद स्थगित है। चकबंदी लेखपाल ने सहायक चकबंदी अधिकारी को किसानों के चकबंदी संबंधी मत को लेकर पक्ष विपक्ष की आख्या भेजी है। इसके अनुसार 794 किसान विरोध में तथा 99 पक्ष में हैं। ऐसे में चकबंदी प्रक्रिया निरस्त करने के लिए शासन काे संस्तुति भेजी जाएगी।
चकबंदी लेखपाल अनुरुद्ध कुमार ने बताया कि चकबंदी आयुक्त लखनऊ के निर्देश पर ग्राम जलालाबाद में धारा 20 क का प्रकाशन 27 अक्तूबर को हो गया था। ग्राम सभा में जोत चकबंदी आकर पत्र 23 भाग एक के 1294 चक हैं, जिसमें 25 चक ग्रामसभा, दो चक समाप्त, आठ चक दूसरे चक में शामिल तथा 223 चक चकबंदी से पृथक हैं। चकबंदी आयुक्त लखनऊ आदेश के अनुपालन में चकबंदी लेखपाल ने निर्धारित प्रारूप के फार्म को हर चकदार के घर जाकर चकबंदी के पक्ष या विरोध के फार्म भराए।
विवरण के अनुसार चकबंदी के विरोध में 794 तभा पक्ष में 99 किसानों ने लिखित पत्र भर कर दिए। चकबंदी रुकवाने के लिए किसानों ने कई बार जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया था। साथ ही समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण और तिर्वा विधायक कैलाश राजपूत अब ऊर्जा मंत्री से चकबंदी प्रक्रिया निरस्त कराने की मांग कर चुके हैं। जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने चकबंदी प्रक्रिया रुकवाने का प्रस्ताव चकबंदी आयुक्त को भेज दिया था। सहायक चकबंदी अधिकारी संतोष तिवारी का कहना है कि यदि दो तिहाई किसान चकबंदी नहीं चाहते हैं तो चकबंदी प्रक्रिया निरस्त कर दी जाएगी।