कन्नौज। नवीन न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में संस्थित 4,469 वादों में से 1,622 वाद निस्तारित कर 2,54 करोड़ रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल की गई। वहीं परिवार न्यायालय से संबंधित 49 वादों का सुलह समझौता के आधार पर निस्तारण किया गया।
जिला एवं सत्र न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। आयोजन में मुख्य न्यायालय परिसर के साथ-साथ बाह्य न्यायालय छिबरामऊ, ग्राम न्यायालय तिर्वा एवं जिले के प्रशासनिक कार्यालयों ने प्रतिभाग किया। यहां जेल के बंदियों द्वारा निर्मित उत्पाद हर्बल गुलाल, एलईडी झालर लाइट, बल्ब, टार्च, झोले की बिक्री का स्टाल लगाया गया।
लोक अदालत में एमएसीटी न्यायालय के 125 वाद आए जिनमें से 26 निस्तारित किए गए। परिवार न्यायालय के 102 वादों में से 49 वाद सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित हुए। स्थायी लोक अदालत में 20 वादों में से आठ वाद निस्तारित कर 28,34,667 रुपये की धनराशि आदेशित की गई। सत्र न्यायालय स्तर पर 385 वादों में से 347 वाद निस्तारित किए गए। मजिस्ट्रेट एवं सिविल न्यायालय स्तर पर 3,834 वादों में से 1,275 वादों का निस्तारण किया गया। संदर्भित 4,469 वादों में से 1,622 वाद निस्तारित कर 2,54,72,074 रुपये की धनराशि अर्थदंड के रूप में वसूल की गई।
इसके अतिरिक्त प्रशासनिक स्तर पर संदर्भित 90,281 में से 62,361 वादों का निस्तारण कर 13,82,06,921 रुपये की धनराशि आदेशित की गई। इस प्रकार 94,750 संदर्भित वादों में से 63,983 वादों का निस्तारण कर 16,27,24,125 रुपये आदेशित किए गए। कार्यक्रम में प्रभारी न्यायाधीश हरिप्रसाद, पीठासीन अधिकारी इंदु द्विवेदी, एमएसीटी फूलचंद्र पटेल, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अशोक कुमार प्रेमी, सिविल जज, प्रभारी सचिव ज्योत्सना यादव सहित न्यायिक अधिकारीगण, बैंक एवं बीमा कंपनियों के अधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता, लीगल एड डिफेंस काउंसिल, पैनल अधिवक्ता, पराविधिक स्वयंसेवक तथा न्यायालय कर्मचारी मौजूद रहे।प्रभारी सचिव ज्योत्सना यादव का कहना है कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से वादकारियों को त्वरित, सुलभ एवं किफायती न्याय प्राप्त हुआ है, जिससे आमजन में न्याय प्रणाली के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।