रबी के सीजन में कुदरत के कहर से बर्बाद किसानों को फसल बीमा क्लेम दिलाने की अफसरों की कवायद ने तेजी पकड़ ली है। एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने पहली किश्त में चयनित 4547 किसानों के क्लेम का 7 करोड़ 52 लाख रुपया आरटीजीएस के जरिए नोडल बैंकों को भेज दिया है।
उप निदेशक कृषि डा. राजेश कुमार ने बताया कि पूरे प्रदेश में सबसे पहले क्लेम की धनराशि का वितरण कन्नौज जनपद में शुरू करा दिया गया है। बीमा कंपनी के क्षेत्रीय प्रतिनिधि अभिषेक ने उन्हें बताया कि पहली सूची के चयनित किसानों के क्लेम का निर्धारण कर दिया गया है। क्लेम का रुपया जिले की नोडल बैंकों के खाते में भेजा गया है। अब नोडल बैंक की जिम्मेदारी है कि वे अपनी शाखाओं को क्लेम की धनराशि हस्तांतरित करें। ताकि क्षतिपूर्ति का रुपया किसानों के खाते तक पहुंच सके।
उप निदेशक कृषि का कहना है कि किसानों को बीमा क्लेम का भुगतान करने के लिए नोडल बैंकों को धनराशि भेजने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। अब लीडबैंक मैनेजर की जिम्मेदारी है कि वे जल्द से जल्द धनराशि किसानों के खाते तक पहुंचाने की व्यवस्था करें।
उन्होंने कहा कि इसी हफ्ते चयनित किसानों की सूची भी तहसील, ब्लाक और जिला मुख्यालय पर चस्पा कर दी जाएगी। जिससे किसानों को पता चल सके कि उन्हें कितने क्षेत्रफल में नुकसान होने पर कितनी धनराशि क्लेम के रूप में मिली है। उनका दावा है कि बचे हुए चयनित लाभार्थी किसानों की अगली सूची एक हफ्ते के अंदर फाइनल कर दी जाएगी।
अमर उजाला का प्रयास सराहनीय
उप निदेशक कृषि डा. राजेश कुमार का कहना है कि फसल बीमा योजना को लेकर अमर उजाला की खबरों का प्रयास सराहनीय है। किसानों को इस साल कई महीने पहले ही क्लेम का भुगतान होने में अमर उजाला का अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि फसल बीमा योजना के प्रति किसानों में जागरूकता आ रही है।