अमर उजाला ब्यूरो
तालग्राम (कन्नौज)। बिजली चोरों को संरक्षण देने में तालग्राम के अवर अभियंता व एसडीओ पर गाज गिर गई है। क्षेत्र के अवैध नलकूप चालकों में हड़कंप है। इधर, आरटीआई कार्यकर्ता ने क्षेत्र के नलकूपों का ब्योरा मांगा है।
तालग्राम ब्लाक 2012 में डार्क जोन की श्रेणी में रखा गया था। इसके बाद से डीप बोरिंग पर रोक लगा दी गई। इसके बावजूद बिजली विभाग के अधिकारी और ठेकेदारों की मिली भगत से धड़ल्ले से नलकूप लगवाए जा रहे थे। बिजली विभाग के सूत्रों की माने तो तालग्राम उपकेंद्र से भवानी सरायं, कैथनपुरवा, पहलपुरवा, खबरामऊ, ताहपुर, अकरमाबाद, गदोरा, फिरोजपुर, मस्तियापुर, चचियापुर, माधव नगर, भवानी सरायं, भोजापुर, अतरौली, किशनपुर, आदि गांवों में तीन सौ से अधिक अवैध नलकूप संचालित हैं। वहीं, बिजली विभाग के अधिकारियों ने त्योर स्थित शीतगृह पर बिजली चोरी के मामले में तालग्राम के अवर अभियंता राकेश कुमार, एसडीओ गजेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया है।
वहीं, आरटीआई कार्यकर्ता सुधीर कुमार ने जनसूचना के तहत बिजली विभाग से गांव में लगे नलकूपों के संख्या की सूचना मांगी थी। जिससे बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है।
कोट
बिजली चोरी रोकने के लिए रूटीन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। विगत दिनों बिजली चोरी की रिपोर्ट निजी नलकूप चालकों पर लिखाई गई थी। अवैध रूप से संचालित हो रहे नलकूप पर बिजली चोरी रोकने के लिए अभियान में तेजी लाई जाएगी। - सुभाष सचान (अधिशासी अभियंता, छिबरामऊ)
- डार्क जोन में तीन सौ से अधिक अवैध नलकूप संचालित
- साल 2012 में डार्क जोन घोषित हुआ था तालग्राम