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Kannauj News: इत्रनगरी में 28 सरकारी नलकूपों ने दिया दगा

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कन्नौज। जिले में सरकारी उपेक्षा और तकनीकी खामियों के कारण किसानों को दोहरीमार पड़ रही है। आठों विकास खंडों में लगे 28 राजकीय नलकूप कई हफ्तों से ठप पड़े हैं। इस भीषण गर्मी में पानी न मिलने के कारण सैकड़ों एकड़ में लगी फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। पानी के अभाव में धान की नर्सरी, मक्का और हरी सब्जियों की खेती पूरी तरह बर्बाद हो रही है। इसको लेकर स्थानीय किसानों में बुधवार को काफी आक्रोश दिखा है।
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जिलेभर में 306 राजकीय नलकूप संचालित हैं। इसमें से छिबरामऊ ब्लॉक में चार, तालग्राम में दो, उमर्दा में एक व सदर ब्लॉक में तीन नलकूप खराब हैं। वहीं, जिले के विभिन्न विकास खंडों में 18 नलकूप रिबोर होने के कारण बंद पड़े हैं। इन नलकूपों से प्रभावित गांवों के सुरेंद्र, आदेश, पवन, कन्हैया, रामजी पाठक आदि किसानों का कहना है कि नलकूप खराब होने की शिकायत कई बार नलकूप विभाग के अधिकारियों और अधिशासी अभियंता से की है। हर बार उन्हें जल्द मरम्मत का आश्वासन तो मिलता है पर कार्रवाई नहीं होती।
सिंचाई ठप होने से परेशान किसान अब महंगे दामों पर निजी पंपसेटों से पानी खरीदने को मजबूर हैं। गरीब किसानों के पास निजी साधन नहीं हैं, वह बेबस होकर अपनी हरी-भरी फसलों को आंखों के सामने सूखता हुआ देख रहे हैं। कहा कि अगर दो-तीन दिनों के भीतर नलकूप ठीक नहीं किए गए, तो पूरी लागत डूब जाएगी। तब वे लोग कर्ज के दलदल में फंस जाएंगे।
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दृश्य : एक

फोटो :16: जलालाबाद में नलकूप के बाहर उगी झाड़ियां। संवाद



टूटी सिंचाई की उम्मीद, 10 साल से बंद पड़े नलकूप



जलालाबाद ब्लाॅक के 33 नंबर राजकीय नलकूप से किसानों को कई वर्षों तक सिंचाई का पानी मिला। बाद में नलकूप खराब हो गया। किसानों ने निजी बोर करा लिया। नया बोर करने के बाद भी 10 साल से इसे चालू नहीं किया जा सका। तीन साल से नलकूप ट्रांसफार्मर न लगने से बेकार साबित हो रहा है।




दृश्य : दो

फोटो :17: उमर्दा ब्लॉक की ग्राम पंचायत निस्तौली में बंद पड़ा नलकूप। संवाद
दो साल से खराब खड़ा सरकारी ट्यूबवेल



उमर्दा ब्लॉक की निस्तौली ग्राम पंचायत में मंगू खां के खेत में लगा सरकारी नलकूप करीब दो वर्षों से खराब है। ग्रामीणों ने बताया कि यह नलकूप सपा शासनकाल कार्यकाल में बनवाया गया था। इसके माध्यम से एक किलोमीटर के दायरे में हजारों बीघा फसलों की सिंचाई होती थी। मोटर का जल जाना बताया जा रहा है। अब दूर लगे निजी ट्यूबवेल से पानी लाकर फसलों की सिंचाई करनी होती है। सस्ती सिंचाई की राह देखते किसानों को उदासीनता के चलते निजी बोर कराने में हजारों रुपये खर्च करने पड़े।





दृश्य : तीन
फोटो :18: छिबरामऊ के फरीदपुर में शोपीस बना राजकीय नलकूप। संवाद
देखने में नया, पांच साल से बंद

छिबरामऊ ब्लॉक के प्रेमपुर फरीदपुर 154 नंबर नलकूप की मोटर खराब होने के कारण पांच साल से बंद है। बोर खराब होने पर पांच वर्ष पूर्व इसका रिबोर कराया गया। इसके बाद भी इससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाया। परेशान किसान अब सिंचाई के निजी साधनों पर निर्भर हैं। बाहर से देखने पर यह बिल्कुल नया लग रहा है।





इनसेट

राजकीय नलकूपों की तस्वीर



कुल सरकारी नलकूप - 306



रिबोर के लिए बंद पड़े - 18

बिजली दोष से खराब - 04



यांत्रिक दोष खराब - 06

वर्जन

तकनीकी टीम को मौके पर भेजा जा रहा है। ट्रांसफार्मर और मोटर की खराबी को जल्द दूर कर लिया जाएगा। वर्कशाप में मोटरें ठीक होने को गई। एक मोटर को बदलने के लिए करीब 15 दिन का समय लग जाता है।
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- शशांक कुमार, अधिशासी अभियंता, नलकूप
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