टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का मोर्चा, 26 फरवरी को बीएसए दफ्तर पर प्रदर्शन
गुगरापुर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने शासन स्तर पर टीईटी को अनिवार्य किए जाने के फैसले के विरोध में आंदोलन की रणनीति तैयार की है। इसके तहत शिक्षक 26 फरवरी को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। आंदोलन की शुरुआत 22 फरवरी को सोशल मीडिया अभियान से होगी, जिसके बाद 23 से 25 फरवरी तक शिक्षक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करेंगे।
यह निर्णय शुक्रवार को गुगरापुर के बीआरसी में आयोजित ब्लॉक स्तरीय बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला अध्यक्ष उदय नारायण ने टीईटी को अनिवार्य करने के फैसले को न्यायसंगत नहीं बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर टीईटी लागू करना उनके सम्मान के खिलाफ है। उदय नारायण ने शासन से इस निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें न मानी गईं तो आंदोलन तेज होगा। संघ ने चयन वेतनमान और लंबित बोनस भुगतान सहित अन्य सेवा संबंधी मुद्दे भी उठाए। पदाधिकारियों ने इन समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष आशीष मिश्र, जिला कोषाध्यक्ष मोहम्मद समीद, आलोक चतुर्वेदी, कैलाश बाबू और राम किशोर सिंह सहित कई शिक्षक उपस्थित थे।
शिक्षकों ने चरणबद्ध तरीके से विरोध जताने का निर्णय लिया है। 22 फरवरी को दोपहर दो से चार बजे तक शिक्षक सोशल मीडिया मंच ''''एक्स'''' पर अभियान चलाएंगे। 23 से 25 फरवरी तक सभी शिक्षक विद्यालयों में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करेंगे। 26 फरवरी को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा जाएगा।