फोटो संख्या-11केएनजेपी-12 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ऊमरपुर।
फोटो संख्या- 11केएनजेपी-13 बिना शिक्षक के कक्ष में मौजूद बच्चे।
एकल विद्यालय में बच्चों को भेजने में कतरा रहे अभिभावक
अमर उजाला ब्यूरो
तालग्राम।
विकास खंड तालग्राम का एक मात्र राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ऊमरपुर बदहाली का शिकार है। दो साल से बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी एक मात्र प्रधानाचार्या की है। अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से कतराने लगे हैं।
ग्रामीण रामआसरे, राजीव कुमार, सतीश चंद्र, मोहित कुमार आदि का कहना है कि सरकार शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है। लेकिन ऊमरपुर स्कूल में एक मात्र हेड टीचर पर ही पढ़ाई का पूरा जिम्मा है। ऐसे में हालत यह है कि बच्चे स्कूल में दिनभर बैठे रहते हैं। अभिभावक अब बच्चों का पंजीयन दूसरे स्कूलों में करा रहे हैं।
मंगलवार को स्कूल में सात बच्चे बिना शिक्षक के मौजूद थे। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल शुरू होने के समय तो पांच अध्यापकों की तैनाती थी, लेकिन अब एक ही प्रधानाचार्य के जिम्मे शिक्षण कार्य से लेकर सरकारी बैठकें आदि हैं। जिससे बच्चों की पढ़ाई- लिखाई चौपट हो रही है। प्रधानाचार्य रूबी राठौर ने बताया कि शिक्षण सत्र 2015-16 में रामवृक्ष यादव सहायक, अध्यापक सतेंद्र, गजेंद्र, कमलेश समेत पांच लोगों का स्टाफ था। 2016 के सत्र में रामवृक्ष सेवानिवृत्त हो गए। वहीं सत्येंद्र, गजेंद्र व कमलेश फर्जीवाड़े कर नौकरी हथियाने के केस में फंस गए मुकदमे के बाद उनकी सेवायें समाप्त कर दी गयी। दो सालों से सभी कक्षाओं के शिक्षण कार्य की जिम्मेदारी उनके ऊपर है। कई बार बैठकों में डीआईओएस से स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती बढ़ाने की मंाग की है। इसके बावजूद अभी तक उनके सहायक के रूप में कोई शिक्षक स्कूल नहीं भेजा गया। प्रधानाचार्या का कहना है कि कुछ अराजकतत्वों ने कालेज के विंडों गेट के शीशे भी तोड़ डाले। जिससे काफी नुकसान हुआ है।