कन्नौज। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कन्नौज के निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन के लिंटर गिरने के मामले में उच्च स्तरीय जांच शुरू हो गई है। 11 जनवरी को हादसे के दौरान स्टेशन पर उपस्थित रेलवे स्टाफ, वेंडर, दुकानदार, वाहन स्टैंड ठेकेदार, पार्सल कर्मी व कुली समेत रेलवे सुरक्षा बल स्टाफ को पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर मुख्यालय तलब किया गया है। उच्च स्तरीय टीम इन सभी से पूछताछ कर बयान दर्ज करेगी। इसके आधार पर कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई तय होगी। मुख्यालय से फरमान आने के बाद सभी लोग गोरखपुर के लिए रवाना हो गए हैं।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कन्नौज रेलवे स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है। प्रतीक्षालय, बुकिंग हॉल, पार्सल कक्ष व शौचालय के लिए बन रही इमारत 11 जनवरी को शटरिंग टूटने से गिर गई थी। हादसे में निर्माण कार्य में लगे 26 मजदूर घायल हो गए थे। हादसे की जांच के लिए रेलवे की ओर से उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की गई है। 13 जनवरी को कमेटी में शामिल गोरखपुर आईजी तारिक अहमद के साथ पूरी टीम ने रेलवे स्टेशन पर का निरीक्षण किया था। इस दौरान घायल जेई, मजदूरों के साथ अन्य कर्मियों से घटना के संबंध में जानकारी ली थी।
अब जांच टीम ने रेलवे स्टेशन के वेंडर ओमजी गुप्ता, वाहन स्टैंड संचालक गोपाल शुक्ला, स्टेशन के बाहर दुकान लगाने वाले श्याम के साथ ही आरपीएफ प्रभारी ओपी मीणा, उपनिरीक्षक सहित पांच कर्मियों को गोरखपुर बुलाया है। स्टेशन अधीक्षक अंजनी प्रसाद, वाणिज्य अधीक्षक विनोद कुमार आनंद, वाणिज्य निरीक्षक जितेंद्र कुमार, कुली अमृता कुमारी को गोरखपुर बुलाया गया है। कमेटी हर बिंदु पर घटना की जांच कर रही है। इसके बाद रिपोर्ट विभाग को भेजेगी।
आज दर्ज होंगे बयान, सीसीटीवी की होगी पड़ताल
स्टेशन मास्टर विकास कुमार ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय से 17 लोगों को बुलाया गया है। हादसे के समय स्टेशन पर उपस्थित रेलवे स्टाफ के अलावा, रेलवे सुरक्षा बल कर्मी, वेंडर, दुकानदार, वाहन स्टैंड ठेकेदार व कुली शामिल हैं। इसके अलावा स्टेशन परिसर तथा आसपास मकानों से मिले सीसीटीवी फुटेज की भी पड़ताल की जाएगी। सभी के अलग-अलग बयान दर्ज होंगे, जिसके आधार पर कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई तय होगी।
मलबा हटाने का काम भी कराया गया बंद
निर्माणाधीन इमारत का लिंटर गिरने के बाद शटरिंग में लगे पाइप और बल्लियां को दो दिनों तक हटाया गया। अब मलबा हटाने का काम भी बंद कर दिया गया है। निर्माणाधीन इमारत के चारों और बैरिकेडिंग कर दी गई है। ताकि वहां पर कोई जा न सके।