कन्नौज। बेसिक शिक्षा विभाग की लर्निंग आउटकम परीक्षा में जिले से 86 फीसदी छात्र-छात्राएं शामिल हुईं। 14 फीसदी गैरहाजिर रहे। इन्हें अनुपस्थित मानकर विभाग रिजल्ट बनाने की तैयारी में जुट गया है। एक सप्ताह के बाद रिजल्ट घोषित होने से छात्रों की स्थिति का पता लग सकेगा।
बेसिक शिक्षा विभाग ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिले में लर्निंग आउटकम परीक्षा कराई है। कक्षा पांच, छह, सात आठ के 48952 छात्र-छात्राओं को इसमें शामिल होना था। जल्दबाजी में कराई गई परीक्षा में 86 फीसदी छात्र शामिल हुए। छिबरामऊ ब्लाक में 6970, गुगरापुर में 2671, हसेरन में 3454, जलालाबाद में 2795, सौरिख में 4152, तालग्राम में 5525, उमर्दा में 8587, कन्नौज नगर में 497 छात्र और छात्राएं परीक्षा में शामिल हुईं। वहीं छिबरामऊ ब्लाक में 966, गुगरापुर में 404, हसेरन में 597, जलालाबाद में 349, कन्नौज में 864, सौरिख में 679, तालग्राम में 1195, उमर्दा में 1245, कन्नौज में 77 छात्र और छात्राएं गैरहाजिर रहीं।
लर्निंग आउटकम की साफ्टवेयर से जांची जाएंगी कापियां
बीएसए केके ओझा ने बताया कि जिले में 1200 प्राथमिक, 453 उच्च प्राथमिक व पांच कस्तूरबा गांधी विद्यालय संचालित हैं। कक्षा पांच, छह, सात, आठ में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की लर्निंग आउटकम परीक्षा कराई गई है। शासन से कापियों को जांचने के लिए साफ्टवेयर दिया गया है। इस साफ्टवेयर के जरिए ही रिजल्ट तैयार होगा।
रिजल्ट से पता चलेगी जिले की स्थिति
लर्निंग आउटकम परीक्षा जल्दबाजी में कराई गई है। शिक्षकों के ड्यूटी लेटर को व्हाट्स एप के जरिए भेजा गया था। परीक्षा के दिन कई विद्यालयों में छात्र संख्या कम होने पर शिक्षकों ने घरों से छात्रों को बुलवाया। इसके बावजूद कई तरह की अनियमितताएं सामने आई हैं। इसके बावजूद विभाग को उम्मीद है कि परीक्षा में छात्रों का प्रदर्शन बेहतर रहेगा। इस रिजल्ट से ही पता चलेगा कि छात्रों का लर्निंग आउटकम कैसा रहा।
22 तक पूरी करें फीडिंग
सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद ने अपने आदेश में बीएसए, डायट प्राचार्य को निर्देश दिए हैं कि छात्र-छात्राओं के रिजल्ट की फीडिंग और बच्चों का डाटा 22 तक हर हाल में फीड कर दिया जाए। इससे कि 25 नवंबर से उसे अपडेट कर काम शुरू किया जा सके।