कन्नौज। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के माध्यम से केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लिए 10,401 लाभार्थियों का चयन किया गया। इनमें से 10,070 को लाभ दिया गया, 331 शेष हैं। प्रथम चरण के 134 डिफाल्टरों का डाटा पूरा न होने से विभाग प्रथम चरण ही नहीं पूरा कर पा रहा है। इसमें से 43 लाभार्थियों ने नींव तक नहीं रखी हैं, जिनकी विभाग तलाश कर रहा है। उधर, योजना के लाभार्थियों के आवास पूरे न होने से विभागीय अधिकारी परेशान हैं। कारण है कि योजना का दूसरा चरण शुरू हो चुका है। विभाग नोटिस के बाद भी अनदेखी करने करने वाले डिफाल्टरों के विरुद्ध कार्रवाई की तैयारी में हैं।
योजना के तहत तीन किस्तों में आवास निर्माण के लिए 2.50 लाख रुपये की धनराशि दी जाती है। प्रथम किस्त में 50 हजार रुपये निर्माण शुरू करने पर तथा दूसरी किस्त 1.50 लाख रुपये की और निर्माण पूर्ण होने पर तीसरी अंतिम किस्त में 50 हजार रुपये की धनराशि दी जाती है। इसी वर्ष सितंबर में योजना का दूसरा चरण शुरू हो गया है, आवेदनों की जांच कर 1443 लाभार्थियों का चयन भी किया जा चुका है। हिदायत व नोटिस देने के बाद भी प्रथम चरण के डिफाल्टरों ने ध्यान नहीं दिया। अब विभाग इन डिफाल्टरों पर कार्रवाई की तैयारी में है। विभाग द्वारा डिफाल्टरों से रिकवरी की संस्तुति की जा सकती है, क्योंकि विभागीय अधिकारियों पर प्रथम चरण पूरा करने का दबाव है।
डिप्टी कलक्टर एवं परियोजना अधिकारी (डूडा) अविनाश गौतम का कहना है कि जिन लाभार्थियों ने किस्त लेकर आवास नहीं बनाए हैं, उनका सत्यापन कराया जाएगा। ऐसे लाभार्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाकर धनराशि की रिकवरी कराई जाएगी।
विभाग को नहीं मिल रहे कई लाभार्थी
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आर्थिक सहायता लेकर कुछ लाभार्थी गायब हो गए। वह विभाग को भी ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। विभाग उनकी तलाश कर रहा है। विभाग के सामने समस्या यह है कि योजना का प्रथम चरण पूरा करने के लिए सभी आवास निर्मित किया जाना जरूरी है। डूडा के अवर अभियंता अवधेश कुमार ने बताया कि ऐसे लाभार्थियों को तलाश किया जा रहा है।
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