जिले में नहीं मनोचिकित्सक, कैसे दें प्रमाणपत्र
कन्नौज। जिले में किसी मनोचिकित्सक की तैनाती नहीं है। इधर शस्त्र लाइसेंस के लिए मनोचिकित्सक का प्रमाणपत्र अनिवार्य कर दिया गया है। मनोचिकित्सक के प्रमाणपत्र के बिना शस्त्र लाइसेंस की फाइल कलक्ट्रेट में जमा नहीं हो रही हैं। आवेदक जिला अस्पताल, मेडिकल कालेज से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। मनोचिकित्सक के प्रमाणपत्र के बिना जिले में करीब छह सौ शस्त्र आवेदन लटके पड़े हैं। शस्त्र आवेदकों की परेशान को देखने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक मनोचिकित्सक की तैनाती नहीं की है।
शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट के साथ ही आवेदक को मानसिक रूप से स्वस्थ्य होने का प्रमाणपत्र देना अनिवार्य कर दिया गया है। हाईकोर्ट के निर्देश पर शासन ने मनोचिकित्सक के प्रमाणपत्र के बाद ही आवेदक का शस्त्र लाइसेंस जारी करने की गाइड लाइन जारी की है। लेकिन जिला अस्पताल, मेडिकल कालेज, सौ शैय्या अस्पताल छिबरामऊ समेत किसी भी अस्पताल में मनोचिकित्सक की तैनाती नहीं है।
इससे शस्त्र आवेदक मनोचिकित्सक के प्रमाणपत्र के लिए सरकारी अस्पतालों में भटक रहे हैं। सीएमओ डा. कृष्ण स्वरूप द्वारा शस्त्र लाइसेंस आवेदकों की इस समस्या को देखने के बाद भी अभी तक मनोचिकित्सक की तैनाती की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। शस्त्र लाइसेंस आवेदकों का कहना है कि जिले में सप्ताह के एक दिन जिला अस्पताल में मनोचिकित्सक की तैनाती की व्यवस्था की जाए। जिससे मनोचिकित्सक से प्रमाणपत्र बनवाया जा सके।
जिले में एक दिन मनोचिकित्सक को उपलब्ध कराने के लिए सीएमओ से वार्ता की जाएगी। शासन से मांग की जाएगी कि शस्त्र लाइसेंस के आवेदकों की समस्या को देखते हुए यह व्यवस्था जल्द से जल्द की जाए।
- रवींद्र कुमार, जिलाधिकारी।
कानपुर तक लगानी होगी दौड़
कन्नौज। जिले में मनोचिकित्सक की तैनाती न होने से शस्त्र लाइसेंस आवेदक को कानपुर के हैलट अस्पताल तक दौड़ लगानी पड़ेगी। सीएमओ डा. कृष्ण स्वरूप ने बताया कि हैलट में मनोचिकित्सकों की व्यवस्था है। आवेदक वहां जाकर मनोचिकित्सक का प्रमाणपत्र बनवा सकते हैं। फिलहाल शासन को पत्र लिखकर मनोचिकित्सक की तैनाती की भी मांग की गई है।