कन्नौज। तीन साल पहले मां-बेटी को बाइक पर लिफ्ट देकर दुष्कर्म करने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने युवक को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने युवक को 10 साल कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी पड़ेगी। युवक ने पीड़िता की पुत्री को झाड़ियों में फेंक दिया था।
शासकीय अधिवक्ता बृजेश शुक्ला ने बताया कि 17 सितंबर 2020 को तिर्वा कोतवाली में एक महिला ने तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा था कि 16 सितंबर को 12 बजे पुत्री का आधार कार्ड बनवाने के लिए तिर्वा पोस्ट ऑफिस जा रही थी। पड़ोस के गांव का रहने वाला रवि यादव बाइक लेकर उसके पास आया और घर छोड़ने की बात का झांसा देकर बैठा लिया। जैसे ही वह कलुआपुर रोड पर नदी के पास पहुंचा तो उसकी पुत्री को झाड़ियों में फेंक दिया। विरोध करने पर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मामला दर्ज करा विवेचना की। पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराकर पीड़िता के बयान दर्ज किए। विवेचक तत्कालीन निरीक्षक इंद्रपाल सरोज ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किए। अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाह पेश किए गए। साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर मंगलवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के जज इंद्रजीत ने दोषी करार देते हुए 10 साल कारावास की सजा सुनाई।